रामबन। सेना ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रामबन के धर्मुंड और बटोत में कई कार्यक्रम आयोजित किए। इनमें किशोरियों के लिए एक संगोष्ठी सह सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें धर्मुंड, चंपा और बटोत के दूरदराज के गांवों की 230 किशोरियों और महिलाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सेना की डॉक्टर कैप्टन ट्विंकल राठौर ने लड़कियों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता पर बात कर हुई। इसके बाद सेना की एक अन्य महिला अधिकारी मेजर छवि गुप्ता ने लड़कियों को मीराबाई चानू, कल्पना चावला और मैरी कॉम के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। दुर्गा की छवि का प्रतिनिधित्व करते हुए दोनों महिला अधिकारियों ने युवा लड़कियों को कड़ी मेहनत करने और असाधारण लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मानसिक बंधनों को तोड़ने पर जोर दिया।
वहीं, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में अनाथालय की 10 लड़कियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। प्रतिभागी लड़कियों ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ विषय पर प्रदर्शन किया, जो वनइंडिया के देशभक्ति के रंगों से भरे हुए थे। इस मौके पर मिट्टी की बेटी डॉ. चांदप्रीत कौर ने समारोह में उपस्थित सभी लड़कियों और उनकी माताओं को अपने अनुभव सुनाए। उन्होंने बताया कि भारी कठिनाइयों के बावजूद आज वह जम्मू में एक सफल शिक्षिका है।
इसके अलावा कार्यक्रम में उपस्थित सभी लड़कियों और महिलाओं को निशुल्क रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की दवाइयां दी गईं। इनमें च्यवनप्राश जैसे खाद्य पदार्थ और चिकित्सकीय रूप से स्वीकृत हर्बल टॉनिक और पूरक शामिल थे। सेना ने आधार कार्ड के लिए पंजीकरण के साथ-साथ लड़कियों के नाम पर स्वतंत्र बैंक खाते खोलने की भी सुविधा प्रदान की।
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बटोत की छह लड़कियों को किया सम्मानित
इसके अलावा सेना ने बटोत की छह लड़कियों को भी सम्मानित किया, जिन्होंने मार्शल आर्ट प्रतियोगिता जीत कुने डो के लिए सब-जूनियर नेशनल में सभी पदक जीते, और अब आगामी एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। ये छह लड़कियां, तमन्ना कौसर, नेहा, निकिता कुमारी, तानिया अंताल, ललिता ठाकुर और दीक्षा शर्मा हैं।
रामबन के बटोत में सेना की तरफ से महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी व दर्शक- फोटो : UDHAMPUR
रामबन के बटोत में सेना की तरफ से महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी व दर्शक- फोटो : UDHAMPUR