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Hockey Stadium : भारत-पाक सीमा के नजदीक बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का हॉकी स्टेडियम, छह करोड़ से होगा तैयार

Sun, 21 Jul 2024 02:05 PM IST
गुलशन कुमार साहिल खजूरिया/अरुण खजूरिया, कठुआ/हीरानगर

सार

कठुआ जिले में हॉकी का गढ़ माने जाने वाले हीरानगर सब डिवीजन को इस परियोजना के लिए चुना गया है। यहां प्रशासन की ओर से अगले सप्ताह जमीन स्पोर्ट्स काउंसिल को हस्तांतरित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : twitter
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विस्तार
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कुछ साल पहले तक गोलियों की गूंज से दहलने वाले जिला कठुआ के उपजिला हीरानगर में अब जल्द अंतरराष्ट्रीय स्तर का हॉकी स्टेडियम तैयार होने जा रहा है। छह करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह जम्मू संभाग का चौथा हॉकी स्टेडियम होगा। खास तौर से जिले में हॉकी का गढ़ माने जाने वाले हीरानगर सब डिवीजन को इस परियोजना के लिए चुना गया है। यहां प्रशासन की ओर से अगले सप्ताह जमीन स्पोर्ट्स काउंसिल को हस्तांतरित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

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जिला प्रशासन ने 130 कनाल जमीन चिन्हित की है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के मुफीद बनाने के लिए इस स्टेडियम को जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे के नजदीक तैयार किया जाएगा। स्टेडियम में 600 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही दोनों टीमों के लिए चेंजिंग रूम भी शामिल होगा।

खास बात यह है कि हीरानगर में बनने जा रहे इस स्टेडियम में अंंतरराष्ट्रीय मानकों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। एस्ट्रो टर्फ मैदान में राष्ट्रीय स्तर पर प्रयोग होने वाले स्प्रिंकलर के साथ-साथ वाटर पंप लगाए जाएंगे। न सिर्फ इलाके के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का मंच हासिल होगा, बल्कि यहां नए खिलाड़ी तैयार होंगे। स्पेर्ट्स काउंसिल के कार्यकारी अभियंता अतुल गुप्ता ने बताया कि प्रदेश कैपेक्स के तहत कठुआ जिले के लिए एक हॉकी स्टेडियम को मंजूरी मिली है।

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हीरानगर में इसके लिए जगह चिन्हित है। इसका विभाग की टीम ने जायजा भी लिया है। जम्मू संभाग में हॉकी का गढ़ बना हीरानगर, 1965 में हुई थी हॉकी क्लब की स्थापना जम्मू संभाग में पुंछ के बाद जम्मू और हीरानगर दो क्षेत्र ऐसे हैं, जिन्हें हॉकी का गढ़ माना जाता है। हीरानगर हॉकी क्लब की स्थापना 1965 में हुई थी। उस समय के खिलाड़ी नरेंद्र शर्मा ने इस क्षेत्र में हॉकी की शुरुआत की और अब तक हीरानगर से 65 राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी निकल चुके हैं। यहां तक कि हीरानगर के 80 खिलाड़ी जम्मू कश्मीर और राष्ट्रीय हॉकी के पंजीकृत हैं। रोहित शर्मा, सन्नी कुमार और स्व. अभिनंदन सिंह जसरोटिया उन युवा खिलाड़ियों में से हैं, जिन्होंने आठ आठ बार तक जम्मू कश्मीर की हॉकी टीम का बतौर कप्तान प्रतिनिधित्व किया है।

कई खिलाड़ियों ने 14 बार तक राष्ट्रीय स्तर पर सीनियर, जूनियर और सब जूनियर प्रतियोगिताओं में भी जम्मू कश्मीर का प्रतिनिधित्व किया है। हीरानगर के युवाओं में हॉकी को लेकर आकर्षण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां की मिनी स्टेडियम में रोजाना बच्चे हॉकी सीखने के लिए पहुंचते हैं। 12 साल तक की आयु के बच्चों को हीरानगर के मिनी स्टेडियम में इन खिलाड़ियों की ही निगरानी में प्रशिक्षण दिया जाता है।

इन खिलाड़ियों के मुताबिक 40 से ज्यादा हॉकी के खिलाड़ी ऐसे रहे हैं, जिन्होंने स्पोर्ट्स कोटा के तहत विभिन्न विभागों और सुरक्षाबलों में नौकरियां भी हासिल की हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी स्टेडियम के लिए हीरानगर सब डिवीजन में जगह चिन्हित की गई है। 130 कनाल चिन्हित जगह को अगले सप्ताह तक स्पोर्ट्स काउंसिल को हस्तांतरित करने की योजना है। यह परियोजना क्षेत्र के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयाम देगी। -डॉ. राकेश मिन्हास, डीसी, कठुआ
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