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जम्मू-कश्मीरः बम धमाकों में आरोपियों के रिकॉर्ड से पकड़ा गया अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट

Sun, 25 Oct 2020 01:51 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

  • जम्मू-कश्मीर, पंजाब से गिरफ्तार सात में से दो लोग बम धमाकों में थे आरोपी
  • शक होने पर पुलिस ने इन्हीं आरोपियों से शुरू की जांच तो जुड़ती गईं कड़ियां
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के अरनिया सेक्टर से हेरोइन, अफीम और हथियारों की बरामदगी मामले को पुलिस ने बम धमाकों के आरोपियों का रिकॉर्ड खंगालकर सुलझा लिया है। पिछले तीन दिन के भीतर सात गिरफ्तारियां करने के बाद शनिवार को आईजी जम्मू मुकेश सिंह ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट के भंडाफोड़ का खुलासा किया। 19 सितंबर की रात को अरनिया क्षेत्र में बीएसएफ की बुधवार पोस्ट के पास से 61 किलो हेरोइन, एक किलो अफीम, दो पिस्टल, तीन मैगजीन और 100 कारतूस बरामद किए गए थे। 

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आईजी मुकेश सिंह ने कहा कि ड्रग्स और हथियारों की बरामदगी होने के बाद पुलिस के पास कोई पुख्ता सुराग नहीं था। पुलिस ने विशेष टीम का गठन कर इस ब्लाइंड केस को सुलझाने के लिए जब ड्रग्स तस्करी से जुड़े पुराने नाम खंगाले तो कड़ियां जुड़ती गईं। इसके बाद एक-एक कर रैकेट के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें से दो लोग 2005 में हुए दिल्ली बम धमाकों में आरोपी थे। 

पकड़े गए सात आरोपी
जश राज सिंह निवासी साईं कलां, सुभाष चंदर निवासी साईं फगला, शाम लाल निवासी अरनिया, गुरबख्श सिंह निवासी भौर कैंप सतवारी, बिशन दास उर्फराजू निवासी अखनूर, अजीत कुमार उर्फ काला निवासी खौड़ और गुरु प्रताप सिंह निवासी तरनतारन के रूप में हुई। 
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जशराज और सुभाष लेने आए थे खेप, फायरिंग होने पर भागे
आईजी ने कहा कि छानबीन में पाया गया कि 19 सितंबर की रात को बुधवार पोस्ट के पास बुल्लेचक इलाके में शामलाल के कहने पर जशराज और सुभाष चंदर हथियारों और ड्रग्स की खेप लेने गए थे। संदिग्ध हलचल होने पर फायरिंग हुई तो दोनों खेप वहीं छोड़कर फरार हो गए। पुराना रिकॉर्ड खंगालने पर बिशनदास और अजीत कुमार के नाम सामने आए। यह दोनों ड्रग्स तस्करी में पहले भी संलिप्त रहे हैं। दिल्ली बम धमाकों में भी आरोपी बनाए गए थे। अजीत का भाई सरफू जम्मू-कश्मीर में ड्रग्स मामलों में वांछित है जो भारत से बाहर कहीं छिपा है। इसी कड़ी ने मामले जांच को दिशा दी। अरनिया सेक्टर में ही 11 किलो हेरोइन तस्करी की विफल कोशिश के पीछे भी अजीत ही मुख्य आरोपी था।

भारत, पाकिस्तान, दुबई तक जाल, तीन ग्रुप करते थे काम
तस्करों का रैकेट भारत, पाकिस्तान और दुबई तक फैला हुआ है। आईजी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से जुड़ा रैकेट तीन समूहों में काम करता रहा है। एक ग्रुप सीमा पर बताई गई लोकेशन से खेप लेकर जम्मू पहुंचाने का काम करता, दूसरा जम्मू से पंजाब पहुंचाता और तीसरा इसे देश भर में सप्लाई करता।
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आतंकी कनेक्शन की भी हो रही जांच
आईजी ने कहा कि ड्रग्स तस्करों के रैकेट का आतंकी कनेक्शन खंगाला जा रहा है। आरोपियों की आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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