कोविड महामारी के बीच संपन्न हुए नवरात्र में देश-प्रदेश के भक्तों ने मां के दरबार में हाजिरी लगा कर आशीर्वाद प्राप्त किया। रामनवमी तक नवरात्र में 36 हजार भक्तों ने मां वैष्णो के दर्शन किए। श्रीमाता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के गठन के बाद पहली बार शारदीय नवरात्र में कोरोन महामारी के चलते श्रद्धालुओं की अब तक की सबसे कम संख्या रिकॉर्ड की गई है। नहीं तो ये संख्या लाखों में होती थी। अब भक्तों का रुझान देखते हुए हालात जल्द सामान्य होने की संभावना है।
बोर्ड से मिली जानकारी अनुसार रामनवमी पर शनिवार देर शाम तक छह हजार भक्त भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। पहले नवरात्र पर 5500, दूसरे दिन 4500, तीसरे दिन 4150, चौथे दिन 4170, पांचवें दिन 4200 व छठे दिन 5100, सातवें दिन 5000 भक्तों ने दर्शन किए थे। देश-दुनिया में कोराना महामारी के चलते इस बार भक्तों की संख्या काफी कम रही। गौरतलब रहे कि नवरात्र महोत्सव के चलते मां वैष्णो देवी भवन और मार्ग को रंगबिरंगे फूलों के साथ भव्य रूप से सजाया गया है।
उधर, नवरात्र पर रोजाना सुबह-शाम दिव्य आरती में प्रसिद्ध गायक सोनु निगम, अनुराधा पौडवाल सहित अन्य ने मां का गुणगान कर भक्तों को निहाल किया। हेलिकॉप्टर, बैटरी कार और रोपवे सेवा भी मां के भक्तों को उपलब्ध रही है। इसके अलावा सुरक्षा के भी पुख्ता प्रबंध किए गए थे।
शतचंडी महायज्ञ में कोरोना से मुक्ति की कामना
भवन में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से आयोजित शतचंडी महायज्ञ शनिवार को पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया। इस दौरान भक्तों ने देश-दुनिया में शांति और कोरोना महामारी से मुक्ति की कामना की। इस मौके पर श्राइन बोर्ड के सीईओ रमेश कुमार, अतिरिक्त सीईओ विवेक वर्मा व एसडीएम भवन मुख्य रूप से मौजूद रहे। वहीं, काफी संख्या में भक्तों ने भी हिस्सा लिया। इसके बाद उन्हें प्रसाद वितरित किया गया।
2016 के बाद 2019 में सबसे ज्यादा भक्त पहुंचे
गौरतलब है कि वर्ष 2016 में शारदीय नवरात्र पर 242805, 2017 में 302057, 2018 में 318753 और 2019 में 364254 भक्तों ने माता वैष्णो देवी के दर्शन किए थे। अब तक नवरात्र के अवसर पर भक्तों की सबसे अधिक संख्या वर्ष 2019 में रही है।