नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया इस महत्वपूर्ण टनल परियोजना की सुरक्षा के लिए रियासत में अपनी तरह का पहला इंटीग्रेटेड टनल कंट्रोल सिस्टम (आईटीसीएस) लगाने जा रही है।
सड़क मार्ग पर देश की सबसे लंबी चिनैनी-नाशरी टनल की सुरक्षा पर 300 करोड़ की रकम राशि खर्च होगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया इस महत्वपूर्ण टनल परियोजना की सुरक्षा के लिए रियासत में अपनी तरह का पहला इंटीग्रेटेड टनल कंट्रोल सिस्टम (आईटीसीएस) लगाने जा रही है।
सिस्टम की खासियत है कि टनल के भीतर वही वाहन दाखिल होंगे, जिनके आवागमन से टनल को किसी प्रकार का खतरा न हो। थर्मल स्क्रीनिंग टेकनोलॉजी से न सिर्फ तकनीकी खराबी वाले वाहनों की टनल के बाहर पहचान हो सकेगी, बल्कि विस्फोटक युक्त वाहनों को समय रहते डिटेक्ट कर टनल के बाहर ही रोक लिया जाएगा।
गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद और भौगोलिक परिस्थितियों की चुनौती देश के अन्य हिस्सों की तुलना में कहीं ज्यादा है। इसी को ध्यान में रखते हुए टनल सुरक्षा पर भारी भरकम राशि खर्च की जाएगी।