संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। अरनिया थानांतर्गत 18 दिसंबर को एक पूर्व सैनिक की दुर्घटना में हुई मौत होने के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस मामले में ऐसी बातें सामने आ रही हैं, जिससे पुलिस असमंजस में हैं। पूर्व सैनिक की दुर्घटना में हुई मौत मामले में पुलिस के हाथ कुछ सुराग लगे हैं। रविवार को पुलिस ने थाने में एक सुनार को पूछताछ के लिए बुलाया।
इस दौरान पता चला है कि उसके बेटे की भी मौत करीब एक माह पहले हो गई है, जिससे मामला उलझता जा रहा है। सुनार से पूछताछ के बाद पुलिस के शक का दायरा बढ़ रहा है। पूछताछ में कुछ खुलासे सामने आ रहे हैं, जो संदिग्ध लग रहे हैं।
अरनिया थाने के अंतर्गत गांव मडोल में एक सेवानिवृत्त सैनिक दर्शन कुमार की 18 दिसंबर को सड़क किनारे सैर करते हुए दुर्घटना में मौत हो गई थी। अज्ञात मोटरसाइकिल सवार ने उन्हें टक्कर मार दी गई थी। पुलिस ने इस संदर्भ में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी, लेकिन एक माह से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लग पाया। वहीं इस मामले में रविवार को मृतक पूर्व सैनिक के परिजनों की तरफ से सूचना दी गई कि ब्यासपुर गांव में सुनार की दुकान करने वाले ओम प्रकाश पर शक जताया गया है। ओम प्रकाश आरएस पुरा का रहने वाला है। सुनार की दुकान ब्यासपुर में करता है। उन्होंने पुलिस को बताया कि मृतक का बेटा जोकि दुकान करता है, उसकी दुकान पर एक पत्र मिला था, जिसमें लिखा था कि उसके पिता की दुर्घटना में मौत करने वाला सुनार ओम प्रकाश का बेटा है, जिसके बाद उन्होंने संपर्क किया तो पता चला कि सुनार के बेटे की 16 जनवरी को संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई है। पुलिस ने रविवार को ओम प्रकाश को पूछताछ के लिए थाने में बुलाया। पुलिस के पास एक गवाह है, जो कहता है कि दुर्घटना मोटरसाइकिल से हुई है। मोटरसाइकिल के बारे में भी जानकारी दी गई है। जब पुलिस ने सुनार से पूछताछ शुरू की तो उसने बताया कि उसके बेटे की मौत हो गई है। उसने बताया कि उसकी हृदयगति रुकने के कारण मौत हुई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि उसने फंदा लगाया था। सुनार के बेटे की मौत के बाद पुलिस को बिना सूचित किए उसका पुरमंडल में संस्कार कर दिया गया था, जिससे मामला शक के दायरे में आ गया है। क्योंकि न उसे अस्पताल में ले जाया गया और न ही पुलिस को सूचित किया गया। इस तरह बिना औपचारिकता के संस्कार कैसे कर दिया गया,
जब पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि सुनार के बड़े बेटे का एक दोस्त है। उसके पास वैसी ही मोटरसाइकिल है, जिससे दुर्घटना हुई थी। क्योंकि गवाह ने मोटरसाइकिल के बारे में बताया था, लेकिन पुलिस को पता चला कि वह मोटरसाइकिल चोरी हुई है। उसकी एफआईआर आरएस पुरा थाने में दर्ज है। यह सारा मामला पेचीदा है, जिससे पुलिस के काम करने पर भी सवाल खड़ा हो रहा है। कैसे एक व्यक्ति की दुर्घटना में मौत हुई, और पुलिस कई दिनों तक वाहन तक नहीं पहुंच सकी। कैसे एक युवक की आरएस पुरा में मौत हुई, और पुलिस को पता तक नहीं चला। कैसे एक मोटरसाइकिल के चोरी होने की शिकायत दर्ज हुई है।
शक के दायरे में ओमप्रकाश को रविवार को थाने में बुलाया गया था पूर्व सैनिक की दुर्घटना में मौत के मामले में पुलिस को उस पर शक हुआ था, उसी के चलते पूछताछ की गई है। पूछताछ में संदिग्ध परिस्थितियों में ओम प्रकाश के बेटे की मौत का मामला भी सामने आया है। पूछताछ में बयान भी मेल नहीं खा रहे हैं, जिससे पुलिस के शक का दायरा बढ़ गया है। फिलहाल ओम प्रकाश का फोन थाने में जमा कर लिया गया है। अब उसकी कॉल डिटेल निकलवाई जाएगी।
-दीपक कटोच, थाना प्रभारी, अरनिया