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अलगाववादियों के उदारवादी धड़े से केंद्र की वार्ता की हो रही पहल

Wed, 14 Jun 2017 08:09 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र,अमर उजाला/जम्मू
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अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक - फोटो : File Photo
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन कश्मीर के तहत अब अलगाववादियों के उदारवादी धड़े से वार्ता की पहल हो रही है। केंद्र ने साफ कर दिया है कि वार्ता बिना शर्त और संविधान के दायरे में होगी। कश्मीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए अलगाववादी विचारधारा के लोगों से बातचीत रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कुछ महीनों में कश्मीर समस्या के स्थायी समाधान का दावा किया है। समाधान की दीर्घकालिक रणनीति के तहत आतंकियों को घेरकर समाप्त करने, उपद्रवियों पर सख्ती और घुसपैठ पर पूरी तरह रोक के लिए कदम उठाए गए हैं।

कम उम्र के पत्थरबाजों की काउंसिलिंग और पेशेवर पत्थरबाजों पर पीएसए लगाने की रणनीति पर भी अमल किया जाना है। इसी रणनीति के दूसरे चरण में अलगाववादियों से वार्ता होगी। 
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बातचीत में शामिल नहीं होंगे यासिन मलिक और गिलानी

अलगाववादी नेता यासिन मलिक - फोटो : File Photo
शासन के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक को केंद्र से बातचीत में सैयद अली शाह गिलानी और यासीन मलिक के गुट को शामिल नहीं किया जाएगा। कश्मीर में हिंसा फैलाने के लिए पाकिस्तान से पैसे लेने के आरोप में ये दोनों नेता फंसे हैं।

अलगाववादी शब्बीर शाह पर एनआईए का शिकंजा कसने वाला है। गिलानी के दामाद से पूछताछ हो रही है। एनआईए के सूत्रों के मुताबिक गिलानी से पूछताछ के लिए पर्याप्त आधार मिल गया है। अब किसी भी दिन गिलानी से पूछताछ हो सकती है।

एनआईए जांच में पाकिस्तान से धन लेने वाले हुर्रियत नेताओं को अलग-थलग करने की रणनीति के तहत दूसरी पंक्ति के नेताओं को वार्ता में तरजीह देने की रणनीति है। 

मीरवाइज के संपर्क में पीडीपी के नेता

मीरवाइज उमर फारूक - फोटो : file photo
सूत्रों के अनुसार अलगाववादियों के उदारवादी गुट के मीरवाइज उमर फारूक और उनके करीबियों से अब तक एनआईए जांच में पूछताछ नहीं हुई है। अगर मीरवाइज इस जांच घेरे से बचते हैं तो उनसे केंद्र की बातचीत संभव है। केंद्र की सलाह पर पीडीपी के कुछ नेताओं की मीरवाइज से इस बाबत बातचीत हुई है। रणनीति के तहत केंद्र सरकार कश्मीर पर संविधान के दायरे में वार्ता कर हर तरह की विचारधारा से सलाह का लचीला रुख दिखा सकती है। 
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भटके युवाओं के लिए रोजगार के अवसर

कश्मीर में हिंसक प्रदर्शन - फोटो : फाइल फोटो
प्रधानमंत्री के 80 हजार करोड़ के विशेष पैकेज को त्वरित गति से लागू कर रोजगार के लिए नए अवसर पैदा करने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। पैकेज के लगभग 25 हजार करोड़ को विभिन्न मंत्रालयों ने मंजूरी दे दी है। राशि का आवंटन भी हो रहा है। इसके साथ ही सेना, सुरक्षा बलों और पुलिस में भी कश्मीरी युवाओं की भर्ती के लिए अभियान चलाया जाना है। कौशल विकास कर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जाना है, ताकि बेरोजगारी में दिहाड़ी के लालच में पत्थरबाज बनने की प्रवृत्ति पर रोक लग सके।  
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