नेशनल कांफ्रेंस के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को श्रीनगर में कहा कि हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच रिश्ते में सुधार लाने का समय आ गया है। दोनों देशों को बैठकर इन मसलों से निपटने के लिए ठोस हल ढूंढना चाहिए, क्योंकि उसके बैगैर कोई बात नहीं बनेगी।
डॉ फारूक़ ने कहा कि बहुत साल दुश्मनी हो गई, सदियां बीत गई। लेकिन, अब वक्त आ गया है कि हम दोस्ती का हाथ बढ़ाएं और आगे बढ़ें। लेकिन, उन्होंने इस बात पर भी शोर दिया कि दोनों भारत और पाकिस्तान में कुछ ऐसी ताकतें हैं, जो नहीं चाहती कि आपसी रिश्ते सुधरें और अमन और शांति से लोग जीयें। उन्होंने कहा कि वह कभी नहीं चाहेंगे कि दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधरें, क्योंकि डा. फारूक के अनुसार ‘उनका पकवान हमारे खून पर पकता है’।
उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधरेंगे और अमन की लहर दौड़ेगी। फारूक ने कहा कि मेरा मानना है कि इसे पाने का एक ही हल है और वह है कि कश्मीर का जो हिस्सा पाकिस्तान के पास है, वह उनका है और जो हिस्सा हमारे पास है वह हमारा है।
बीच की लकीर को हटा दीजिए, ताकि हम आसानी से जी सकें और वह यहां आ सकें। इससे न सिर्फ आपस में रिश्तों में सुधार होगा बल्कि व्यापार और अन्य चीजों में भी फायदा मिलेगा। यह भी कहा कि दोनों खित्तों के लोगों को स्वायत्तता का अधिकार मिलना चाहिए।
पाकिस्तानी ज्वाइंट इंवेस्टीगेशन टीम पर नहीं होना चाहिए एतराज: फारूक
पूर्व मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला
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उन्होंने कहा कि पठानकोट हमला मामले पर पाकिस्तानी ज्वाइंट इंवेस्टीगेशन टीम आई है कि इसमें क्या हुआ था। भारत ने उन्हें अनुमति दी है यह एक अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि अगर दोनों देश आपसी तालुकात ठीक करना चाहते हैं तो उसमें गलत क्या है।
अगर पाकिस्तान की जांच टीम देखना चाहती है कि उसमें कौन जिम्मेदार था, तो उन्हें देखने दीजिए। फारूक ने कहा कि अगर भारत की टीम भी लाहौर हमले की जांच करने के लिए उन्हें सहयोग देना चाहे, तो मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तान को इसमें एतराज होना चाहिए कि हम उनके साथ शामिल हो जाएं, मुसीबत से निकालने के लिए।
डा. फारूक ने कहा कि किसी को भी भारत माता की जय बोलने पर मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि यह भी कहा कि जो अपने मुल्क से प्यार नहीं करेगा, उसे अपने रब से भी प्यार नहीं। इसलिए कोई भारत माता की जय बोले या हिंदुस्तान जिंदाबाद किसी को एतराज नहीं होना चाहिए और न ही कोई जबरदस्ती होनी चाहिए।
पाक जेआईटी से कितना फायदा होगा, वक्त बताएगा: उमर
नेशनल कांफ्रेंस के कार्यवाहक अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पाकिस्तान की ज्वाइंट इंवेस्टीगेशन टीम का पठानकोट हमले की जांच के लिए आना कितना फायदेमंद होगा यह तो वक्त ही बताएगा।
लेकिन उम्मीद करते हैं कि हमले के लिए जो जिम्मेदार हैं उन्हें सख्त सजा मिले। उन्होंने कहा कि पाक जेआईटी की तर्ज पर ही भारत को भी ऐसी ही टीम का गठन करना चाहिए। इसके तहत पाकिस्तान की टीम को मुंबई के साथ अन्य हमलों की जांच की अनुमति देनी चाहिए। उमर ने कहा कि ज