अंतराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार रात पाक रेंजरों की ओर से आरएस पुरा सेक्टर की 15 और अरनिया सेक्टर की 12 चौकियों को निशाना बनाने के बाद रविवार देर रात फिर दुस्साहस दिखाया।
पाक की ओर से अरनियां सेक्टर सहित रामगढ़ के कंद्रराल, बाबा चम्बलयाल और नारायणपुर पोस्टों पर गोलाबारी शुरू कर दी गई। आरएस पुरा के पोस्टों को भी निशाना बनाकर फायरिंग की गई। देर रात खबर लिखे जाने तक लगभग तीन दर्जन पोस्टों पर सीमा पार से गोलाबारी जारी थी। इस दौरान रामगढ़ क्षेत्र में एक बच्चा सहित तीन घायल हो गए। सतर्क भारतीय जवानों ने भी तुरत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है।
रविवार रात करीब साढ़े 10 बजे पाकिस्तानी रेंजरों ने अतरराष्ट्रीय सीमा पर रामगढ़ और सांबा सेक्टर में भी गोलाबारी शुरू कर दी थी। ठीक इसी दौरान पाक ने एक बार फिर से आरएस पुरा और अरनिया सेक्टर में भी फायरिंग शुरू कर दी थी।
दहशत से एक महिला की मौत्ा
रामगढ़ सेक्टर के नारायण पुरा और बाबा चमलियाल क्षेत्र में पाक गोलाबारी में तीन लोगों के घायल होने की सूचना है। पाकिस्तानी गोलाबारी का भारतीय जवानों द्वारा भी माकूल जवाब दिया जा रहा है। अंतराराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ के साथ ही सेना के जवानों को भी तैनात कर दिया गया है।
इससे पूर्व शनिवार रात भी पाकिस्तानी रेंजरों ने आरएस पुरा सेक्टर की 15 और अरनिया सेक्टर की 12 चौकियों को निशाना बनाकर फायरिंग की थी। शनिवार रात 10 बजे से रविवार सुबह नौ बजे तक चली गोलाबारी की दहशत में सुचेत गढ़ गांव की महिला वीरो देवी की मौत हो गई।
शनिवार रात पाकिस्तान की ओर से की गई भीषण गोलाबारी से आरएस पुरा सेक्टर के छह गांवों और अरनिया सेक्टर के आठ गांवों में मकानों में दीवारों में धंसी हुई गोलियों के निशान साफ देखे जा रहे हैं। हालांकि, गांवों को पहले ही खाली करा लेने से किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। अरनिया सेक्टर के निकोवाल गांव में एक और त्रेवा गांव में पांच मवेशी गोलाबारी में मारे गए जबकि कई मवेशी घायल हैं। एसडीएम आरएस पुरा से कई गांवों के लोगों ने उन्हें सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की अपील की।
खेतों में गिरे मोर्टार के शेल
सीमावर्ती सेक्टर रामगढ़ जो पिछले कई दिनों से शांत दिख रहा था। शुक्रवार की रात लगभग 7.30 बजे पाकिस्तान की तरफ से 12 चिनाब रेंजर्स ने भारत की नारायणपुर पोस्ट व रिहायशी गांवों को निशाना बना कर सुबह आठ बजे तक फायरिंग की।
सीमा के बिलकुल नजदीक गांव जस्सो चक्क, कंदराल, एसएम पुरा के लोगों ने जैसे ही गोलियों व मोर्टार शेल के गोलों की आवाज सुनी दहशत में आ गए। पलायन कर कुछ ग्रामीणों ने गांव अवताल स्थित कम्यूनिटी हाल में रात गुजारी, तो कुछ ने रामगढ़ में रात गुजारी।
दग गांव के खेतों में दो मोर्टार शेल के गोले गिरे। कुछ गोलियां गांव में लगे सफेदे के पेड़ों पर लगीं।