जम्मू संभाग के उधमपुर जिला अस्पताल में देर रात घायल युवक के साथ आए कुछ तीमारदार युवकों ने महिला डॉक्टर के साथ अभद्रता की। जब अस्पताल प्रशासन ने इसका विरोध किया तो तीमारदारों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की। वहीं पुलिस आने की सूचना पर सभी युवक कोरोना वार्ड के पास की खिड़की तोड़ फरार हो गए। रविवार सुबह पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और चार की तलाश जारी है। जम्मू डॉक्टर एसोसिएशन ने सरकार से रात को ड्यूटी करने वाली महिला डॉक्टर को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात छह लोग एक युवक को घायल अवस्था में लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। युवक के सर पर गहरी चोट लगी थी। महिला डॉक्टर ने युवक की जांच की और गहरी चोट को देखते हुए टांके लगाने को कहा। लेकिन साथ आए तीमारदारों ने टांके लगाने से मना कर दिया। इसके बाद सभी डॉक्टर के साथ बहस करने लगे। डॉक्टर ने कहा कि लिख कर दे कि वह टांके नहीं लगाएंगे और अगर घायल युवक को कुछ होता है तो वह इसके जिम्मेदार होंगे, लेकिन इसके बाद सभी ने डॉक्टर के साथ अभद्रता की।
विवाद की सूचना मिलते ही तैनात सीआरपीएफ के जवानों ने मौके पर पहुंच कर आक्रोशित युवकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने जवानों के साथ ही धक्का-मुक्की और अस्पताल में तोड़फोड़ की। सीआरपीएफ ने इसकी सूचना पुलिस थाने में दी और किसी को भी बाहर नहीं जाने दिया। जब युवकों को इसका पता चला तो वह अस्पताल में कोविड-19 वार्ड के पास खिड़की का शीशा और जाले को तोड़ कर मौके से फरार हो गए। पुलिस को जांच में पता चला कि युवक शहर के बाड़यां इलाके के रहने वाले हैं।
सुबह इनकी पहचान की गई और दो युवकों को पुलिस ने पकड़ लिया और चार की तलाश जारी है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डॉक्टर एसोसिएशन के प्रधान डॉक्टर बलविंद्र सिंह ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उनका कहना है कि आए दिन देर रात को लोग महिला डाक्टरों के साथ बदसलूकी करते हैं। सभी जिलों में ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। इसलिए एसोसिएशन की मांग है देर रात को ड्यूटी के दौरान डाक्टरों को सुरक्षा प्रदान की जाए।