जम्मू। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में तेजी से लोगों के संक्रमित होने का सिलसिला जारी है। ज्यादातर मरीज घर पर ही आइसोलेट होकर दवाएं ले रहे हैं। कई मरीज गंभीर लक्षण होने पर अस्पताल में भर्ती होते हैं। अगर किसी व्यक्ति को कोई भी लक्षण महसूस हो तो उसे कोविड अस्पताल सीधे जाने की बजाय सबसे पहले ट्राइएज अस्पताल जाना चाहिए।
कोविड टास्क फोर्स के सदस्य और ऑक्सीजन वार रूम जम्मू के मेडिकल विशेषज्ञ डॉक्टर राजिंद्र थापा के अनुसार सीडी अस्पताल जम्मू व गांधीनगर अस्पताल के ओल्ड ब्लॉक में ट्राइएज अस्पताल स्थापित किया गया है। ट्राइएज अस्पताल में मरीज का चेकअप किया जाता है। इसके बाद उसे विभिन्न अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा जाता है। वहां पर उन्हें सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। मरीजों को लेवल वन, टू व थ्री के आधार पर विभिन्न वर्गों में बांटकर उनके स्वास्थ्य के हिसाब से उन्हें चिकित्सा सेवा उपलब्ध करवाई जा रही है। थापा का कहना है कि तीमारदारों को सबसे पहले अपने मरीज को ट्राइएज अस्पताल में ही लेकर जाना चाहिए।
कोरोना संक्रमण की रफ्तार को मंद करने के लिए लोगों को अपने घरों से बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलना चाहिए। कोविड कर्फ्यू को कामयाब बनाना चाहिए। कम से कम छह फीट की दूरी अन्य व्यक्ति से रखनी चाहिए। मास्क पहनने व बार-बार हाथ घोने की आदत को कड़ाई से बनाए रखना होगा। एकजुट होकर समाज को कोरोना संक्रमण से मुक्ति पाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है।
क्या करें
-अस्पताल ले जाने की जरूरत हो तो पहले ट्राइएज अस्पताल पहुंचें
-मरीज को कभी एक तो कभी दूसरे अस्पताल में न ले जाएं
-कोविड मरीज के साथ कम से कम तीमारदार हों
-अस्पताल में डबल मास्क का इस्तेमाल जरूर करें