जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की दो साजिशों को सुरक्षा बलों ने गुरुवार को नाकाम कर दिया। बारामुला-कुपवाड़ा हाईवे और पुंछ के सुरनकोट तहसील में प्लांट आईईडी को बरामद किया। दोनों ही जगहों पर सेना ने आईईडी को निष्क्रिय करने के बाद पूरे इलाके में चौकसी बढ़ा दी है।
उत्तरी कश्मीर में बारामुला-कुपवाड़ा हाईवे पर सड़क किनारे ट्रगपोरा व चाकलो के बीच शादीपोरा में आतंकियों ने आईईडी प्लांट कर रखी थी। सुबह सेना के काफिले के लिए रोड ओपनिंग पार्टी (आरओपी) डॉग स्क्वायड के साथ छानबीन कर रही थी। इसी दौरान टीम में शामिल लांस नायक एसके यादव ने शादीपोरा के पास संदिग्ध वस्तु देखी। स्क्वायड में शामिल बम निरोधक कुत्ते बीरो ने संदिग्ध वस्तु को सूंघने के बाद विस्फोटक होने का संकेत दिया।
इसके बाद पूरे इलाके में वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। 40 बटालियन बीएसएफ, 92 बटालियन सीआरपीएफ, एसओजी तथा 32 राष्ट्रीय राइफल्स की ओर से तत्काल मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी गई। आईईडी की पुष्टि होने के बाद 32 राष्ट्रीय राइफल्स के सीओ कर्नल बीएस खंदारे, इंजीनियरिंग प्लाटून के सूबेदार रंजू व 169 बम निरोधक बटालियन ने आईईडी को निष्क्रिय किया। लगभग छह घंटे बाद सवा 12 बजे हाईवे को आवागमन के लिए खोला गया। सेना ने बताया कि आतंकियों के मंसूबे को नाकाम कर बड़ी वारदात को टालने में सफलता मिली है।
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पुंछ जिले के सुरनकोट तहसील के रतनपीर इलाके में भी कच्चे रास्ते पर प्लांट की गई साढ़े तीन किलो की आईईडी बरामद कर निष्क्रिय किया गया। आतंकियों ने इस रास्ते पर पेट्रोल करने वाले सेना के जवानों को निशाना बनाने के लिए इसे प्लांट किया था। इलाके में गश्त पर निकले जवानों ने शाम ढाई बजे आईईडी बरामद की जिसे शाम साढ़े चार बजे निष्क्रिय किया गया।