दूसरे चरण के चुनाव से पहले आतंकियों ने एक और बड़ी आतंकी घटना को अंजाम दिया है। पुंछ की मेंढर तहसील के अरकुंडी इलाके में आतंकियों ने सेना के काफिले को निशाना बनाया है।
अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना में सेना की छह राजपुताना राइफल्स का एक जेसीओ राजेंद्र सिंह समेत दो जवान गंभीर रूप से घायल हैं। घटना के बाद इलाके को छावनी में बदल दिया गया है।
सुरक्षाबलों ने इलाके को कब्जे में ले लिया है। बताया जा रहा है कि धमाके के लिए आतंकियों ने आईईडी बम का सहारा लिया है।
बता दें कि घाटी और जम्मू के 18 सीटों पर कल मतदान होना है। इससे पहले इस धमाके से लोगों में दहशत का माहौल बनाने का प्रयास किया गया है।
सेना की गाड़ी उड़ी, ड्राइवर सुरक्षित
हादसे में सेना का 2.5 टन का एक वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस वाहन में सेना के जवान राशन लेकर लौट रहे थे तभी रास्ते में रखे हुए आईईडी पर से गाड़ी गुजरी और ब्लास्ट हो गया। बताया जा रहा है कि घटना कृष्णा घाटी सेक्टर और नंगी टेकरी पोस्ट के बीच की है।
जिस गाड़ी में जवान सवार थे वह थ्री ग्रेनेडियर रेजीमेंट की बताई जा रही है। गाड़ी के चालक, सह चालक समेत पीछे की तरफ बैठे जेसीओ राजेंद्र सिंह घायल हो गए। सभी घायलों को पास के अस्ताल में भर्ती कराया गया है। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौका मुआयना कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
रियासत में लगातार हो रहे हैं आतंकी हमले
प्रथम चरण में हुए 71 फीसदी मतदान के बाद से आतंकी लगातार इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। बता दें कि 25 नवंबर को पहले चरण के मतदान के बाद आतंकियों ने 26 नवंबर को जम्मू के अरनिया में सेना के बंकर पर कब्जा कर बड़ी आतंकी घटना को अंजाम दिया।
इस घटना में सेना के तीन जवान शहीद हो गए थे। इसी एनकाउंटर में पांच गांव वालों की मौत भी हो गई थी। दो दिन चले ऑपरेशन के बाद सेना ने चारों आतंकियों को मार गिराया था। इसके बाद 28 नवंबर को श्रीनगर के लाल चौक और पुंछ में भी आतंकी घटना हुई।
लाल चौक पर सीआरपीएफ के बंकर के पास ग्रेनेड हमला किया गया जिसमें करीब 14 लोग घायल हुए जबकि पुंछ में सेना के काफिले पर हमला किया गया था। वहीं कश्मीर के शोपियां में भी रविवार को आतंकियों ने नेशनल कांफ्रेंस से जुड़े एक सरपंच को गोलियों से भून दिया था, जिसके बाद इलाके में दहशत का माहौल है।