दो दिसंबर को दूसरे चरण के मतदान, उसके बाद आठ और 12 दिसंबर को प्रधानमंत्री की रैलियों ने सुरक्षा बलों की नींद उड़ा रखी है। पहले चरण के रिकार्डतोड़ मतदान से बुरी तरह बौखलाया पाकिस्तान और उसके द्वारा संरक्षित-संचालित आतंकी तंजीमें लगातार बड़े हमले की फिराक में हैं।
हाई अलर्ट के तमाम इंतजामों को भेदते हुए लश्कर के फिदायीनों ने जिस तरह कठार में सेना के बंकर पर कब्जा किया और आठ हिंदुस्तानियों की जान ले ली उसे देखते हुए आने वाले दिन और भी मुश्किल होंगे। सूत्रों की माने तो मोदी की रैलियों में आतंकी गड़बड़ी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
सरहद और नियंत्रण रेखा के उस पार बड़ी संख्या में प्रशिक्षित आतंकी लांचिंग पैड पर घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं। उनकी मदद के लिए पाकिस्तानी सेना बार-बार सीज फायर का उल्लंघन कर रही है। हाफिज सईद के बारे में भी खबरें हैं कि वह लगातार एलओसी पर हरकत में है। बैट को भी फिर से सक्रिय किया गया है।