मूसलाधार बारिश ने लगातार दूसरे दिन रियासत में कहर बरपाया। शुक्रवार हुई बारिश से जिले के नदी-नाले उफान पर रहे। कई क्षेत्रों में पानी घुसने की खबर है। बाढ़ से भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी खतरा बन गया है। रामगढ़ क्षेत्र में बीएसएफ की अग्रिम पोस्ट पर बाढ़ का पानी आने से जवान फंस गए।
जिन्हें सेना के चापर की मदद से निकाला गया। बसंतर एवं देविका नदी में बाढ़ की स्थिति बननने से सीमा पर बीएसएफ की 200वीं वाहिनी की एसपी-2 पोस्ट पर भी पानी भर गया।
जवानों को वहां से निकालने की कोशिश की गई, लेकिन बहाव तेज होने के कारण बीएसएफ के अधिकारियों ने सेना की मदद लेना उचित समझा। इसके बाद जम्मू से सेना का चापर पहुंचा।
30 जवानों को एयरलिफ्ट कर नंगा पोस्ट पर पहुंचाया गया। बीएसएफ सूत्रों के अनुसार मूसलाधार बारिश के कारण बसंतर और देविका नदी में बाढ़ आ गई थी। इससे पोस्ट पर तैनात जवान फंस गए थे। दोपहर के समय सेना की सहायता से जवानों को वहां से सकुशल निकाला गया।
छतराल सैन्य शिविर में बारिश का पानी घुसा
वीरवार की रात हुई तेज बारिश के कारण छतराल सैन्य शिविर में पानी घुस जाने से सेना को नुकसान हुआ है। सेना के 37 आरआर कंपनी कैंप में देर रात बारिश का पानी घुसने के बाद तैनात गार्ड की होशियारी से सैनिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कैंप में मिट्टी तेल, डीजल व पेट्रोल के स्टाक को भारी नुकसान पहुंचा है।
उधर, रामबन के पास भूस्खलन से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग दूसरे दिन भी सात घंटे बंद रहा। इससे श्री अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले यात्रियों के वाहन रास्ते में रोक दिए गए।
बारिश से उज्ज, भीनी, नाज, सूरत, तलैन, टिरडी, सारल, बंझली आदि नदी-नालों में बाढ़ आ गई। इसकी बजह से इनके किनारे बसे दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया। बसोहली में राशन डिपो की दीवार गिर गई। वहीं कठुआ के सन्याल इलाके में बाढ़ में फंसे लोगों को कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला गया।