कश्मीर में हुर्रियत नेताओं ने अलगाववाद को उद्योग की तरह चलाया है। एनआईए की जांच में जब्त दस्तावेजों से पता चला है कि अलगाववादी नेताओं को कश्मीर में हिंसा और अराजकता फैलाने के लिए पाकिस्तान से धन मिलता रहा है। इसके अलावा सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से भी धन मिला।
अलगाववादी नेताओं ने इस राशि से घाटी में अशांति और उपद्रव फैलाने के लिए आर्थिक मदद की और उपद्रवियों को दिहाड़ी मुहैया कराई। अलगाववादियों ने विदेशों से आ रहे धन में से आधी से अधिक रकम का इस्तेमाल व्यक्तिगत संपत्ति खड़ी करने में किया।
सूत्रों के मुताबिक अब तक की जांच में अलगाववादियों को विदेशों से लगभग 2000 करोड़ मिलने के दस्तावेज मिले हैं। इस राशि के आने की अवधि और माध्यम के बारे में अभी जांच की जा रही है। जांच से कई सफेदपोशों के बेनकाब होने की आशंका है। हवाला के जरिये अलगाववादियों तक धन पहुंचाने में श्रीनगर के अलावा जम्मू, दिल्ली, कोलकाता और हरियाणा के भी कई कारोबारी शामिल रहे हैं।
फल उद्योग और अन्य व्यापारों के जरिए पैसों का खेल
Syed Ali Shah Geelani
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कारोबारियों ने कश्मीर के फल उद्योग को भी धन पहुंचाने का जरिया बनाया। बादाम, केसर और अखरोट के व्यापार के नाम पर धन की हेराफेरी होती रही। इसमें पाक अधिकृत कश्मीर से कारोबार करने वाले कई व्यापारी जुड़े रहे हैं। इन पर एनआईए जल्द शिकंजा कस सकती है।
एनआईए ने नियंत्रण रेखा पार व्यापार से जुड़े एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष तारिक अहमद खान, जहूर खान और मोहम्मद सुल्तान से भी इस मामले में पूछताछ की है, जिससे पीओके से हो रहे कारोबार के माध्यम से हवाला और सूखे फल के व्यवसाय के नाम पर अलगाववादियों के पास धन आया।
कश्मीर में लगातार हिंसा और पत्थरबाजी
कश्मीर में हिंसक प्रदर्शन
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अलगाववादी नेता कश्मीर में आजादी के नाम बंद और हड़ताल का आयोजन करते रहे हैं। इस क्रम में पत्थरबाजी और हिंसा आम हो गई है। पत्थरबाजों और उपद्रवियों को दिहाड़ी और निश्चित वेतन दिया जाता रहा है।
अलगाववादियों की ओर से आतंकी संगठनों को धन उपलब्ध कराने की सूचना की भी जांच चल रही है। एनआईए की जांच में हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी के दामाद अल्ताफ फंटूस और उनके करीबी पीर सैफीउल्लाह के पास बड़ी संपत्ति का पता चला है। इन दोनों से पूछताछ की गई है।
गिलानी से पूछताछ करेगी राष्ट्रीय जांच एजेंसी
एनआईए के आईजी आलोक मित्तल ने अमर उजाला को बताया कि जांच अभी जारी है। जांच और छापों में कई अहम दस्तावेज मिले हैं। शनिवार से बुधवार तक लगातार कई लोगों से पूछताछ की गई है। वीरवार को भी कुछ लोगों से पूछताछ होगी। यह सिलसिला अभी चलेगा। दस्तावेजों और कागजातों की छानबीन चल रही है। जांच में अगर अगर जरूरत हुई तो सैयद अली शाह गिलानी से पूछताछ की जा सकती है। उन्होंने गिलानी के दामाद से की गई पूछताछ की पुष्टि की।