राज्य कैबिनेट की बुधवार को मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई अहम फैसले हुए। सरकार ने जहां कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 11 फीसदी बढ़ोतरी कर उनकी बल्ले-बल्ले कर दी, वहीं मुसाफिरों पर किराया बढ़ोतरी का नया बोझ डाल दिया।
बड़ी बसों-मिनी बसों से लेकर आटो तक के किराए में 2.85 से 13.75 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। कैबिनेट ने जीएसटी विधेयक का ड्राफ्ट मंजूर कर एक जुलाई से रियासत में जीएसटी लागू करने का रास्ता साफ कर दिया। आईएएस, आईपीएस अधिकारियों की पदोन्नति को हरी झंडी दी गई।
सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनधारियों को बड़ी आर्थिक राहत देते हुए उनके महंगाई भत्ते में 11 फीसदी का इजाफा कर दिया। जुलाई 2016 से वेतन का सात प्रतिशत डीए किस्त और चार प्रतिशत जनवरी 2017 से जारी किए जाने को मंजूरी दे दी। जुलाई 2016 और जनवरी 2017 से मई तक अतिरिक्त किस्तों का बकाया इस माह सरकारी कर्मचारियों के व्यक्तिगत जीपीएफ खातों में जमा किया जाएगा और उसके बाद से मासिक वेतन में दिया जाएगा।
कर्मचारियों को मिलेगा बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
- फोटो : File Photo
नई पेंशन योजना के दायरे में आने वाले राज्य कर्मचारियाें को जुलाई 2016 और जनवरी 2017 से मई तक अतिरिक्त किस्तों का बकाया भुगतान इस माह नकद के रूप में किया जाएगा। कर्मचारियों के हिस्से का 10 फीसदी स्रोत पर काटा जाएगा और नियोक्ता की तरफ से मिलान किए गए शेयर के साथ उनके पीआरएएन संख्या में जमा होगा।
उसके बाद डीए में बढ़ोतरी मासिक वेतन के साथ मिलेगी। कैबिनेट ने पेंशनरों के लिए भी इसी दर से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को मंजूरी दी। जुलाई 2016 और जनवरी 2017 से मई तक महंगाई भत्ते की बढ़ी दर के चलते बकाया इस माह नकद के रूप में भुगतान किया जाएगा। इसके बाद से मासिक पेंशन/परिवार पेंशन का हिस्सा बन जाएगी।
यात्री किरायों में संशोधन को भी मंजूरी
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
- फोटो : File Photo
बैठक में यात्री किरायों में संशोधन को भी मंजूरी मिल गई। इससे राज्य के ट्रांसपोर्टरों, वाहन मालिकों को भले राहत मिली, लेकिन यात्रियों पर नई मार तय है। बड़ी बसों और मिनी बसों के लिए 13.75 प्रतिशत, टैक्सी-मैक्सी कैब सेगमेंट में 8.25 प्रतिशत और मौजूदा रियायती दरों पर आटो रिक्शा श्रेणी में 2.85 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई। यातायात के संचालन के उचित नियमन और राज्य भर में सामान ढोने वाले वाहनों के लिए तय दर के अनुपालन के लिए परिवहन विभाग से प्रभावी कदम उठाने को कहा गया।