सरकार गठन न होने से कई तरह के काम प्रभावित हो रहे हैं। कई मंत्रियों ने अपने अपने विभागों के लिए प्रस्ताव केंद्र को सौंपे थे, लेकिन सरकार टूटते ही यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चले गए।
इनमें राज्य परिवहन निगम के लिए 100 से अधिक बसों को लाने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसमें 25 फीसदी सरकार का शेयर था और बाकी का केंद्र का, लेकिन सरकार के न होने से इस पर कोई काम नहीं हो सका। पूर्व मंत्री अब्दुल गनी कोहली ने केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के पास इसका प्रस्ताव भेजा था।
पूर्व सरकार ने एसआरटीसी को दोबारा पटरी पर लाने की योजना बनाई थी। इसमें केंद्र के पास सौ नई बसों को खरीदने का प्रस्ताव बनाकर भेजा, लेकिन कोई अमल नहीं हो सका है।
हालांकि एसआरटीसी के निजी फंड से दस बसें लाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मौजूदा समय में निगम के पास 150 बसें हैं। इनमें से 100 ही चलती हैं। दो दशक पहले 1600 के करीब बसें थी।