जीएमसी सहित अन्य एसोसिएटेड अस्पताल अर्द्धसैनिक बलों के हवाले करने की तैयारी की जा रही है। अस्पतालों में तीमारदारों और डाक्टरों के बीच बढ़ती तनातनी और मारपीट के घटनाओं को देखते हुए पुख्ता सुरक्षा की तैयारी की जा रही है। अर्द्धसैनिक बलों के आने के बाद अस्पतालों की सुरक्षा थ्री टायर हो जाएगी।
इसमें निजी सुरक्षा, पुलिस और सीआरपीएफ की मदद ली जाएगी। इसके अलावा अस्पतालों की इमरजेंसी में सुरक्षा कर्मियों की संख्या दोगुनी की जा रही है। तीमारदारों और डाक्टरों के बीच लगातार हाथापाई और कहासुनी की घटनाओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
जीएमसी प्रशासन ने डीजी सीआरपीएफ से सुरक्षा के लिए मदद मांगी गई है। प्रिंसिपल डा. घनश्याम देव गुप्ता ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि एसोसिएटेड अस्पतालों में सुरक्षा का दायरा बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए सीआरपीएफ जवानों की तैनाती की जाएगी।