कश्मीर घाटी में पिछले दो माह के भीतर 6 रिक्टर स्केल से ऊपर के भूकंप के दो बार झटके महसूस किए जाने के बाद अब घाटी के लोगों में दहशत का माहौल है। हालांकि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। स्थानीय निवासी मोहम्मद अशरफ के अनुसार कश्मीर में वर्ष 2005 में विनाशकारी भूकंप और हाल ही में नेपाल में आए भूकंप को देख काफी डर लगने लगा है।
26 अक्तूबर और 26 दिसंबर को आए भूकंप के झटकों के बाद विशेषज्ञों ने सरकार से तुरंत आपदा प्रबंधन क्षमताओं को मजबूत करने के साथ जापानी मॉडल अपनाने का आग्रह किया है।
कश्मीर विश्वविद्यालय के भू विज्ञान विभाग के हेड प्रो. शकील अहमद रोमशू के अनुसार हम लोग सेस्मिक जोन-5 में रहते हैं, इसलिए हमें भूकंप के झटकों के लिए हमेशा तैयार रहना होगा, लेकिन कई चेतावनियों के बावजूद भी न तो सरकार और न ही स्थानीय लोग ऐसी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।