रियासत में अल्पसंख्यकों को चिह्नित करने और अल्पसंख्यक आयोग के गठन का मामला पिछले एक साल से सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। अब जाकर उम्मीद जगी है कि हिंदुओं को रियासत में अल्पसंख्यक की सुविधाएं मिल सकेंगी।
केंद्र सरकार पर 30 हजार और केंद्र व राज्य सरकार पर 15-15 हजार का जुर्माना लग चुका है। अब केंद्र और राज्य सरकार को यह हिदायत दी गई है कि रियासत के असल अल्पसंख्यकों को चिह्नित किया जाए। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से यह उम्मीद जगी है कि जल्द ही अल्पसंख्यकों के साथ न्याय हो पाएगा।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार रियासत में 28.44 फीसदी हिंदुओं की आबादी है, जबकि मुस्लिमों की 68.31 प्रतिशत। इसके साथ ही सिख-1.87, बौद्ध-0.90, क्रिश्चियन-0.28, जैन-0.02 तथा अन्य समुदाय की आबादी 0.01 फीसदी है।