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गृहमंत्री अमित शाह बोले: जम्मू कश्मीर में नीतियां व कानून व्यवस्था की स्थिति निवेश के अनुकूल

Wed, 29 Mar 2023 10:37 AM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/नई दिल्ली

सार

अमित शाह ने कहा कि उद्योगपतियों को चाहिए कि वे निवेश के लिए क्षेत्र का चुनाव अपनी बाजार रणनीति के अनुसार और अपने व्यावसायिक हित को ध्यान में रखते हुए करें।
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : ट्विटर/ अमित शाह
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विस्तार
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल (एसोचैम) के वार्षिक सत्र में कहा कि जम्मू-कश्मीर में नीतियांऔर कानून-व्यवस्था दोनों निवेश करने लायक हैं, आपको इस पर ध्यान देना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सही नीतियों ने देश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाया है। वह अपने संबोधन के दौरान उद्योगपतियों के सवाल के जवाब दे रहे थे। 

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अमित शाह ने कहा, उद्योगपतियों को चाहिए कि वे निवेश के लिए क्षेत्र का चुनाव अपनी बाजार रणनीति के अनुसार और अपने व्यावसायिक हित को ध्यान में रखते हुए करें। जब तक आप देश को लाभ पहुंचाते हैं, तब तक आप जहां भी निवेश करते हैं, मुझे कोई समस्या नहीं है। लेकिन मुझे कहना होगा कि नीति और कानून व्यवस्था दोनों ही जम्मू-कश्मीर में निवेश करने लायक हैं और आपको इस पर विचार करना चाहिए।

लॉजिस्टिक्स लागत को पांच वर्षों में 7.5 प्रतिशत पर लाएंगे : गृह मंत्री ने बताया, केंद्र सरकार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लॉजिस्टिक्स लागत को मौजूदा 13 प्रतिशत से कम करके 7.5 प्रतिशत पर लाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा, देश के बुनियादी ढांचे के विकास और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी के बिना विकास संभव नहीं है। भारत में लॉजिस्टिक्स लागत जीडीपी की 13 प्रतिशत है, जबकि बाकी की दुनिया में यह आठ प्रतिशत है। 
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इससे भारत के निर्यात के लिए विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धी बनना कठिन हो जाता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, हमें 13 प्रतिशत और आठ प्रतिशत के इस अंतर को दूर करना होगा। हमने अगले पांच वर्ष के लिए एक रूपरेखा बनाई है। मैं यह भरोसा दिलाना चाहता हूं कि अगले पांच वर्ष में हम लॉजिस्टिक्स लागत को घटाकर 7.5 प्रतिशत पर ले आएंगे।

मोदी सरकार ने कभी लुभावने फैसले नहीं लिए, राजनीतिक अस्थिरता खत्म की

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने कभी भी वोट बैंक की राजनीति के लिए लोकलुभावन फैसले नहीं लिए, बल्कि लोगों की भलाई और देश में राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए काम किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘टीम इंडिया’ की संकल्पना को साकार किया है। यही वजह है कि बीते नौ वर्ष में हर क्षेत्र में अच्छे परिणाम आए हैं। 

शाह ने कहा, जब हम निर्णय लेते हैं, तो हमारे सामने देश या क्षेत्र की बेहतरी होती है। हमारे सामने देश में एक व्यवस्था स्थापित करने का इरादा होता है। हम वोट बैंक को ध्यान में रखकर निर्णय नहीं लेते हैं। नहीं तो जीएसटी कभी नहीं होता। उन्होंने कहा, हम जानते हैं कि देश में जीएसटी को ‘’गब्बर सिंह टैक्स’’ के रूप में मजाक उड़ाने वालों की एक लंबी फौज है। लेकिन हमने कभी इस बात की परवाह नहीं की।

पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव रखी 

शाह ने विश्वास जताया कि मोदी सरकार ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र और 2025 तक पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए मजबूत नींव रखी है। उन्होंने कहा कि अब लगभग हर व्यवसाय में यूपीआई का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 2022 में 8,840 करोड़ डिजिटल लेनदेन में यूपीआई की हिस्सेदारी 52 प्रतिशत यानी 1.26 लाख करोड़ रुपये है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया में पहली बार जीडीपी के निराशाजनक आंकड़ों को सामाजिक योजनाओं के जरिये मानवीय चेहरा दिया।

बुनियादी ढांचे में 100 लाख करोड़ के निवेश की योजना: शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने बुनियादी ढांचे में 100 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है, जिसमें रेलवे लाइनों का दोहरीकरण, उनका चौड़ीकरण, मुंबई से दिल्ली और अमृतसर से कोलकाता के बीच मालढुलाई गलियारों के साथ ही 11 अन्य औद्योगिक गलियारे जैसी कुछ बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।

मोदी का दौर राजनीतिक स्थिरता के कालखंड के रूप में जाना जाएगा गृह मंत्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को राजनीतिक स्थिरता दी, मोदी के नेतृत्व वाले इस कालखंड को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में ‘’राजनीतिक स्थिरता के कालखंड’’ के रूप में जाना जाएगा। उन्होंने कहा, विकास बिना सही नीति के संभव नहीं है जिसके लिए दूरदृष्टि की आवश्यकता होती है।

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