जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव अक्तूबर तक हो सकते हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आश्वस्त किया कि परिसीमन की प्रक्रिया जल्द पूरी होने वाली है। अगले छह से आठ महीने में विधानसभा के चुनाव होंगे। इसमें किसी प्रकार का कोई संदेह नहीं है।
एक चैनल से बात करते हुए शाह ने कहा कि परिसीमन आयोग अपना काम जल्द पूरा करने वाला है। इसके बाद छह से आठ महीने में विधानसभा के चुनाव होंगे। सूत्रों ने बताया कि विधानसभा चुनाव अमरनाथ यात्रा के बाद कराना ज्यादा मुफीद माना जा रहा है क्योंकि यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था के लिए केंद्रीय बल प्रदेश में मौजूद रहेंगे। चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त तामझाम नहीं करना होगा।
जस्टिस (सेवानिवृत्त) रंजना देसाई के नेतृत्व में गठित परिसीमन आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट सहयोगी सदस्यों को चार फरवरी को सौंपी थी। रिपोर्ट पर सहयोगी सदस्यों के रूप में भाजपा व नेशनल कांफ्रेंस(नेकां) के पांच सांसदों ने अपने सुझाव व आपत्तियां 14 फरवरी को दर्ज करा दी थीं। भाजपा शोपियां को भी अनंतनाग-राजोरी सीट में मिलाने और सुचेतगढ़ सीट को फिर से बहाल करने के संबंध में सुझाव प्रस्तुत कर चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार 90 सदस्यीय विधानसभा में 47 सीटें कश्मीर और 43 जम्मू संभाग में हैं। राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत विधानसभा की सात सीटें बढ़ाई जानी थीं जिसमें आयोग ने छह सीटें जम्मू व एक सीट कश्मीर में बढ़ाने का प्रस्ताव किया है।
अंतरिम रिपोर्ट पर मचा है हल्ला
अंतरिम रिपोर्ट को कांग्रेस, नेकां, पीडीपी, अपनी पार्टी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस समेत पीएजीडी में शामिल अन्य दल खारिज कर चुके हैं। सभी का कहना है कि भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए रिपोर्ट तैयार की गई है। परिसीमन आयोग सहयोगी सदस्यों से मिले सुझाव व आपत्तियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। जल्द ही आयोग आम लोगों के लिए भी इसे सार्वजनिक कर सुझाव मांगेंगे।