पकड़े गए चारों ओजीडब्ल्यू ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि कोटली पीरबडवेश्वर निवासी मोहम्मद आरिफ का इस्तेमाल राजोरी में हवाला धन इकट्ठा करने के लिए किया जाता रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार सज्जाद अहमद मल्ला पीओके में स्थित एचएम संगठन के फाइनेंशियल हेड खुर्शीद अहमद के संपर्क में था।
दोनों के बीच कमांडर सद्दाम पाडर ने संपर्क स्थापित कराया था। सद्दाम पाडर को एक हफ्ते पहले घाटी में ढेर कर दिया गया था। सद्दाम की हत्या के बाद जीनत ने हिजबुल की कमांड संभाली और उसी के आदेश पर शोपियां के तीन ओजीडब्ल्यू को हवाला धन के संग्रह के लिए राजोरी भेजा गया था।
राजोरी से धन एकत्र कर भेजते थे कश्मीर
एसएसपी ने बताया कि मोहम्मद आरिफ राजोरी में आतंकवादी संगठनों के लिए हवाला धन इकट्ठा करने के लिए काम करता है और उस धन को कश्मीर भेजा जाता था। पकड़े चारों ओजीडब्ल्यू से पुलिस गहन पूछताछ कर राजोरी में उनके अन्य साथियों के बारे में पता लगाने में जुटी है।
पुलिस पता लगा रही है कि आरिफ के पास हवाला रुपये कहां से आते थे और कौन-कौन से लोग नेटवर्क में थे। एसएसपी ने बताया कि कोटली पीर बडवेश्वर इलाका एलओसी के बहुत पास है और एलओसी के उस पार से रुपये आने की संभावना से पूरी तरह से इंकार नहीं किया जा सकता है।