नेकां के कार्यकारी प्रधान व पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने साउथ ईस्ट दिल्ली सनलाइट कालोनी में पांच कश्मीरियों से मारपीट की घटना के संबंध में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उमर ने ट्वीट करते हुए कहा कि इस घटना की शीघ्र जांच करवाई जाए। 40-50 सदस्यों के दल ने पांच कश्मीरी नागरिकों जिनमें चार महिलाएं थीं, के साथ मारपीट की। घाटी के बाहर कश्मीरी नागरिकों के साथ ऐसी घटनाएं गंभीर हैं।
वहीं इस मामले में आरडब्ल्यूए अध्यक्ष एसएन पांडेय ने कहा कि ये पूरा मामला कुत्तों को खाना डालने को लेकर हुआ है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस को शिकायत दी है। यहां रहने वाले एक 70 वर्षीय बुजुर्ग का भी यहीं कहना है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कश्मीरी परिवार को खाना डालने से मना किया गया तो वह मारपीट करने लगा। हालांकि बताया जा रहा है कि आरडब्ल्यूए समेत स्थानीय लोग कई महीने से कश्मीरी परिवार के खिलाफ शिकायत दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी के साथ मारपीट नहीं की गई।
कश्मीरी परिवार ने मांगी थी सुरक्षा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कश्मीरी परिवार ने करीब एक सप्ताह पहले शिकायत दी थी। परिवार ने पुलिस सुरक्षा की मांग की थी। हालांकि उनको सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई थी।
विवाद की वजह कश्मीरी होना नहीं
पॉकेट सी में दुकान चलाने वाले टेलर ने बताया कि यहां कश्मीरी होने को लेकर कोई विवाद नहीं है। कुत्तों के आतंक को लेकर विवाद है। यहां रहने वाले कई मुस्लिम परिवारों ने भी यही बात कही।
दक्षिण पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के हसन हुसैन (बदला नाम) तीन बहनों व ईरानी महिला दोस्त के साथ पॉकेट-सी सिद्वार्थ एन्क्लेव में रहते हैं। वह एक प्राइवेट कंपनी में फाइनेंस का काम करते हैं।
उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि वह रात करीब 11ं30 बजे खाना खाने के बाद घूमकर लौट रहे थे तो अज्ञात लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पिटाई से हसन का बायां हाथ टूट गया और बहनों को काफी चोटें आई हैं। घर में घुसकर उन्होंने जान बचाई।
उन्होंने आरोप लगाया कि वह कश्मीरी हैं, इस कारण उन पर स्थानीय लोगों ने हमला किया है। हालांकि कुछ स्थानीय लोग पीड़ित परिवार के साथ हैं। उधर, दूसरे पक्ष का कहना है कि कश्मीरी परिवार कई महीने से पॉकेट में रह रहा है। परिवार के लावारिस कुत्तों को जहां-तहां खाना डालने से काफी लावारिस कुत्ते आ गए हैं।
ये कई लोगों को काट चुके हैं। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष एसएन पांडेय ने कहा कि कुत्तों को खाना डालने का ही स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस को शिकायत दी है। यहां रहने वाले एक 70 वर्षीय बुजुर्ग का भी यहीं कहना है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कश्मीरी परिवार को खाना डालने से मना किया गया तो वह मारपीट करने लगा। हालांकि बताया जा रहा है कि आरडब्ल्यूए समेत स्थानीय लोग कई महीने से कश्मीरी परिवार के खिलाफ शिकायत दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी के साथ मारपीट नहीं की गई।