पीएचई मंत्री शाम लाल के हिंदू सीएम के बयान पर सियासी बवाल मच गया है। पीएचई मंत्री ने सवाल किया था कि जब दो प्रतिशत आबादी वाले वर्ग से देश का प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक बन सकते हैं तो फिर जम्मू-कश्मीर में हिंदू सीएम क्यों नहीं बन सकता।
पीएचई मंत्री के इस बयान को भाजपा, पैंथर्स और पीडीपी सहित अन्य राजनीतिक दलों ने चुनावी चाल करार दिया है। जबकि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हिंदू सीएम वाले मुद्दे को खारिज ही कर दिया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कोई भी बन सकता है। उल्लेखनीय है कि रियासत की साझा सरकार के एक मंत्री द्वारा हिंदू सीएम मामला उठाए जाने के राजनीतिक गलियारों में कई मायने निकाले जा रहे हैं।
पीएचई मंत्री शाम लाल ने दी थी मुद्दे को हवा
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष एवं जम्मू संसदीय क्षेत्र से सांसद जुगल किशोर शर्मा का कहना है कि कांग्रेस नेता विधानसभा चुनाव में हार के डर से मतदाताओं का ध्यान बंटाने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।
उनका कहना है कि साल 2002 से लेकर कांग्रेस गठबंधन सरकारों में शामिल रही है और जम्मू के साथ भेदभाव जारी रहा है। अब विधानसभा चुनाव को करीब देखते हुए कांग्रेस के नेता मतदाताओं को गुमराह करने में लगे हैं।
पीएचई मंत्री के बयान पर नेशनल पैंथर्स पार्टी के संरक्षक प्रोफेसर भीम सिंह का कहना है कि धर्मनिरपेक्ष देश में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई का सवाल ही नहीं है। जो लोग ऐसे बयान दे रहे हैं वो लोगों को भ्रमित करना चाहते हैं।
राजनीतिक दलों ने बताया चुनावी स्टंट
पीडीपी के प्रवक्ता और एमएलसी नईम अख्तर का कहना है कि विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं और वोटों के विभाजन के लिए सत्ताधारी पक्ष और मंत्री पद पर आसीन कांग्रेस नेता का यह रुख जायज नहीं है।
सीपीएम नेता और विधायक मोहम्मद यूसुफ तारीगामी ने भी पीएचई मंत्री शाम शर्मा द्वारा जम्मू कश्मीर में अगला मुख्यमंत्री हिंदू बनाए जाने के बयान को तर्क हीन करार दिया है।