हाईकोर्ट ने जम्मू विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर का पद भरने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी। तीन जनवरी को प्रकाशित एक विज्ञापन नोटिस में दर्शाए गए असिस्टेंट प्रोफेसर पद के अभ्यर्थियों के चयन मापदंड को रद्द करने से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह निर्देश दिए। याचिका डा. विकास शर्मा की ओर से दायर की गई थी।
याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट सुनील सेठी और एडवोकेट परिमोक्ष सेठ सुनवाई के लिए उपस्थित हुए। उनका कहना था कि छह जून को जब याचिकाकर्ता इंटरव्यू के लिए नियत स्थान पर पहुंचा और पूछा कि क्या इंटरव्यू तीन जून को कोर्ट की तरफ से पास अनुल्लंघनीय आदेश के मुताबिक हो रहा है?
प्रतिवादी और अन्य अधिकारियों ने बजाय सवाल का जवाब देने के याचिकाकर्ता के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया। यह कहते हुए कि वह हाईकोर्ट के दरवाजे गया है, उसे इंटरव्यू में शामिल नहीं होने दिया गया। जबकि उसका नाम सांख्यिकी के असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए चुने गए अभ्यर्थियों की सूची में विधिवत रूप से शामिल था।
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के जस्टिस जनक राज कोतवाल ने सुनवाई के बाद प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया। साथ ही प्रतिवादियों को आदेशित किया कि वह इंटरव्यू कमेटी के सदस्यों के नाम बताएं। अगले आदेश तक के लिए संबंधित पद भरने पर रोक लगा दी।