जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने बलात्कार के आरोपी को दोषमुक्त किए जाने के फैसले को एक तरफ रखते हुए प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज को मामले की दोबारा सुनवाई के आदेश दिए हैं।
अदालत ने कहा कि ऐसा लगता है कि निचली अदालत ने मामले के निपटारे में सावधानी नहीं बरती। आदेश में जस्टिस हसनैन मसूदी ने इस मामले को फिर से सुनवाई के लिए निचली अदालत में भेज दिया।
अदालत ने यह भी कहा कि निचली अदालत के न्यायाधीश एक गवाह के रूप में परवेज़ हुसैन काचरू (उस समय के सीजेएम) को बुलाएं और कानून के अनुसार उनका बयान दर्ज करे।
निचली अदालत ने आरोपी को इस आधार पर बरी किया था कि पीड़िता अदालत के समक्ष अपनी गवाही पेश करने से पूर्व ही मर गई।
बलात्कार पीड़िता के परिवार ने आरोपी को बरी किए जाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और कहा था कि पीड़िता ने धारा 164-ए सीआरपीसी के तहत चीफ जुडिशल मजिस्ट्रेट, गांदरबल के सामने पहले ही बयान दर्ज करा दिए थे।
गौरतलब है कि उच्च न्यायालय द्वारा आरोपी की जमानत बांड को रद्द करते हुए उसे निचली अदलात के सामने सरेंडर करने को कहा है। इसके इलावा जस्टिस मसूदी ने 15 मार्च से पहले मामले को समाप्त करने के लिए निचली अदालत को निर्देश दिया।