पंजाब के गुरदासपुर जिले में सोमवार सुबह हुए आतंकी हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर की पंजाब के साथ लगने वाली सीमा सहित राज्य के करीब हर क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि आतंकी ऐसी वारदात को पंजाब में या फिर पंजाब से सटे किसी भी शहर में अंजाम देकर दहशत फैला सकते हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी गुरदासपुर जिले में हुए आतंकी हमले की निंदा की है। साथ ही मुफ्ती को पंजाब के मुख्यमंत्री के साथ तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया है।
श्रीनगर शहर समेत घाटी के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। जानकारी यह भी है कि सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट रहने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की गतिविधि से निपटा जा सके।
हर संवेदनशील इलाके में नाकेबंदी
श्रीनगर के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बल के जवानों की संख्या में भी इजाफा देखने को मिल रहा है। जगह-जगह नाके भी लगाए गए हैं। संदिग्ध व्यक्ति के दिखाई देते ही उसकी शिनाख्त के बाद आगे बढ़ने दिया जा रहा। वाहनों की तलाशी भी ली जा रही है।
शहर में बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सीआरपीएफ के प्रवक्ता आशीष कुमार झा ने बताया कि शहर के लगभग हर संवेदनशील इलाके में नाकेबंदी की गई है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए और लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि जब भी ऐसी (दीनानगर में हमला) कोई घटना होती है, तो उसका असर जरूर पड़ता है। इसलिए जहां आवश्यकता लग रही है, वहां उसके अनुसार तैनाती की जा रही है।
अब आतंकियों ने एक नया ठिकाना ढूंढ लिया है
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि बार-बार बार्डर के नजदीक स्थित इलाकों में ऐसे हमलों को अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि जम्मू-कश्मीर के बाद अब आतंकियों ने एक नया ठिकाना ढूंढ लिया है।
उमर ने यह भी कहा है कि जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद को पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के साथ ऐसे हमलों से निपटने के लिए तालमेल बढ़ाना चाहिए, क्योंकि हमें ऐसी चीजों से निपटने में पंजाब से ज्यादा अनुभव है।
पंजाब को करीब 10 से अधिक वर्ष हो गए हैं, ऐसी घटनाओं का सामना न करते हुए। दोनों राज्यों को आपस में इंटेलिजेंस इनपुट भी शेयर करने चाहिए। उमर ने कहा कि जरूरत है राज्य स्तर पर तालमेल मजबूत बनाने की।