वीरवार सुबह से ही आसमान में बादल छा गए थे। दोपहर को मूसलाधार बारिश ने लोगों को घरों के भीतर रहने को मजबूर कर दिया। वहीं, बारिश के साथ कई क्षेत्रों में ओले गिरने से किसानों में चिंता बनी रही।
वीरवार सुबह से ही आसमान में काली घटा छा गई थी, जिसके चलते दिन में ही रात जैसा आभास होने लगा था। दोपहर को मूसलाधार बारिश ने लोगों को कमरे में कैद कर दिया।
ओले गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई। किसानों के अनुसार पहले से ही समय पर बारिश नहीं होने से उनकी फसल प्रभावित हुई थी, अब ओले गिरने से उन्हें फसल बर्बाद होने की चिंता सता रही है।
ओले गिरने से किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। मूसलाधार बारिश और ओले गिरने से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। दिनभर लोग घरों में ही दुबके रहे, जबकि बाजार भी सूने रहे।
कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति ठप
नंदपुर, खौड़, रणजीतपुर, बहादुरपुर आदि इलाकों में तेज आंधी ने जमकर कहर बरपाया। बेहद तेज आंधी के चलते कई पेड़ गिर गए, जबकि कई बिजली के खंभे भी उखड़ गए। इसके चलते कई मार्गो पर आवाजाही पर भी असर पड़ा है। इसके चलते इन इलाकों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है।
तेज आंधी से रणजीतपुर में सुखदेव सिंह का जानवरों के लिए बनाया गया शेड गिर गया, जिससे एक कटड़ा जख्मी हो गया। इस हादसे में सुखदेव के परिवार के लोग बाल-बाल बच गए। तूफान में रक्षपाल सिंह की आटा चक्की का शेड उड़ गया।
विक्की चौधरी, कंबा चौधरी, टिक्कू चौधरी, बाबा चौधरी आदि ने बताया कि तूफान मुश्किल से एक मिनट तक ही रहा, यदि यह ज्यादा समय तक रहता तो भारी नुकसान हो सकता था।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तूफान के साथ ही बारिश और ओलों ने भी कहर ढाया है। ओले गिरने से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। लोगों ने कृषि विभाग से किसानों की फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेकर मुआवजे दिलवाने की मांग की है।