सियासत में अक्सर एक-दूसरे से उलझे रहने वाले जम्मू कश्मीर के राजनीतिक दलों ने बाढ़ प्रभावित रियासत के पुनर्निर्माण के लिए शनिवार को एक स्वर में शपथ ली।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सैफुद्दीन सोज, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा और पीडीपी की प्रदेशाध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर बाढ़ पीड़ित लोगों के प्रति हार्दिक संवेदना प्रकट की गई और उनके जीवन, आजीविका और निजी और सार्वजनिक संपत्ति और ढांचे को हुए नुकसान के पुनर्निर्माण की शपथ ली।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक
सभी सियासी दलों की तरफ से इस अवसर पर रियासत और रियासत के बाहर के संगठनों और लोगों से अपील की गई कि वे मुश्किल की इस घड़ी में जम्मू कश्मीर के लोगों की मदद को आगे आएं।
इस अवसर पर भारत सरकार और उसकी एजेंसियों जिसमें सेना, वायु सेना और एनडीआरएफ के अलावा गैर सरकारी संगठनों, सेल्फ हेल्प ग्रुपों, सिविल सोसायटी आदि के सहयोग और समर्थन को सराहा गया।
सर्वदलीय बैठक में बाढ़ से कीमती जानों को हुए नुकसान पर गहरा दुख प्रकट किया गया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि बचाव और राहत कार्यों पर सभी पार्टियों ने एकजुटता दिखाई है।
सोज, महबूबा और जुगलकिशोर रहे शामिल
उन्होंने पार्टियों के एकजुट होकर संयुक्त संदेश जारी करने को भी सराहा। उमर ने कहा कि अगर नेकां और पीडीपी एक साथ बैठक कर संयुक्त संदेश जारी कर सकती है और भाजपा और कांग्रेस संयुक्त संदेश जारी कर सकती हैं तो ऐसे में सभी लोगों को भी मुश्किल के समय में एकजुट होकर मदद के लिए आगे आना चाहिए।
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं है। पहली प्राथमिकता बचाव और पुनर्निर्माण की है। अमीर हो या गरीब, सभी पर बाढ़ का असर पड़ा है।
उन्होंने कहा कि संयुक्त अपील में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मदद की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि बैठक में सुझाव दिया गया है कि सभी सांसद अपनी सांसद निधि कोष का पांच फीसदी हिस्सा जम्मू कश्मीर के पुनर्निर्माण पर लगाएं।