घगवाल। केंद्र सरकार की ओर से दावे किए जा रहे हैं कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसा कुछ भी दिखाई नहीं देता है। मरीजों के साथ सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर टाल मटोल की स्थिति बनी रहती है। जिस विभाग में दो डॉक्टर हैं वह एक दूसरे पर मरीज को दिखाने की सलाह देते है।
जानकारी के अनुसार गत दिनों घगवाल स्वास्थ्य केंद्र में मरीज अनीता देवी दांत में तकलीफ को लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। वहां मौजूद महिला डॉक्टर ने जांच की तो तीन दिन की दवा लिख दी। हालांकि महिला ने कहा कि उन्हेें दांत निकलवाना है। क्योंकि उनकी जीभ पर जख्म है। इसके बावजूद भी महिला डॉक्टर ने मरीज को दांत निकालने से टाल दिया। ताकि दूसरा डॉक्टर उसे देखे। महिला के अनुसार यही कारण है कि लोग निजी अस्पतालों की ओर भाग रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में न तो दवा ही मिलती है, न ही सही उपचार मिल रहा है।
एक अन्य बुजुर्ग महिला रानो देवी ने बताया कि उन्हें दवा तो लिख दी गई, लेकिन डिस्पेंसरी में तैनात कर्मचारी ही मौजूद नहीं था। उन्हें बताया गया कि ड्यूटी पर तैनात कर्मी वार्ड में बैठी है। वह बिना दवा ही लौट आई। उन्होंने बाजार से दवाई खरीदी। वहीं एंबुलेंस मौजूद नहीं होने पर घायलों को परेशानी बनी रहती है। गत दिनों 24 अप्रैल को एक घायल को घगवाल अस्पताल लाया गया। एंबुलेंस नहीं होने से पुलिस ने अपने वाहन में सांबा पहुंचाया। बाद में घायल ने दम तोड़ दिया। इसको लेकर भी लोगों में रोष बना रहा।
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घगवाल स्वास्थ्य केंद्र में एक सर्जन को छोड़ कर सभी डॉक्टर मौजूद हैं। दवाइयां भी अस्पताल से दी जा रही हैं। अगर कोई दवा उपलब्ध नहीं होती है, तो बाजार से मरीज को खरीदने को कहा जाता है। 24 अप्रैल को एंबुलेंस प्रधानमंत्री की रैली के लिए भेजी गई थी।
-डॉ. लीजा, इंचार्ज, अस्पताल घगवाल
फोटे
सेना के डॉक्टरों ने शिविर में जांचा लोगों का स्वास्थ्य
परगवाल। सीमा क्षेत्र परगवाल में सेना की मोलू बटालियन ने मंगलवार को दो दिवसीय चिकित्सा शिविर लगाया। शिविर में काफी संख्या में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य की जांच कराई। द्वितीय कमान अधिकारी विवेक चतुर्वेदी की देखरेख में आयोजित इस शिविर का उद्घाटन कमांडिंग ऑफिसर कर्नल राकेश एम. बरार ने किया।
आर्मी गंधर्व विद्यालय में आयोजित शिविर में आर्मी मेडिकल कॉर्प्स, रेडक्रॉस सोसायटी और डॉ. केडी मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने शिविर में पहुंचे ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की और निशुल्क दवाइयां वितरित की। शिविर में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, इलेक्ट्रोकॉर्डियोग्राम, आंखों की देखभाल और सामान्य बीमारियों के संबंध में चिकित्सा सहायता और मुफ्त चिकित्सा परामर्श प्रदान किया गया।
कर्नल राकेश एम. बरार ने कहा कि सेना सरहदों की रक्षा के साथ-साथ सरहद पर रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य के प्रति भी हमेशा सजग रहती है। इस कारण समय-समय पर चिकित्सा शिविर आयोजित कर उनके स्वास्थ्य की जांच की जाती है। भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस मौके पर सूबेदार मेजर नत्था सिंह, सूबेदार रसपाल सिंह समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।