-रोजाना 600 से अधिक मरीज आ रहे, तीन-तीन डॉक्टरों की जरूरत, तैनात एक-एक
-चमड़ी रोग, पैथोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट व मनोचिकित्सक के पद खाली
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। सरकारी अस्पताल सांबा डॉक्टरों और स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। जिला अस्पताल का दर्जा मिलने के करीब 17 साल बाद भी स्टाफ पूरा नहीं हो पाया है। सरकार ने नई इमारत तो बना दी, लेकिन पैरा मेडिकल स्टाफ की भर्ती भूल गया। कई पदों का अभी तक सृजन ही नहीं किया गया है। लोगों ने कई बार जिला प्रशासन को अवगत करवाया, लेकिन उचित कदम नहीं उठाया गया। इससे रोजाना चेकअप कराने आ रहे मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल को 2008 में जिले का दर्जा मिला था। अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ती गई, लेकिन स्टाफ नहीं बढ़ाया गया। आज भी चमड़ी रोग, पैथोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, मनोचिकित्सक के पद खाली हैं। रोस्टर के मुताबिक हर रोग के तीन डॉक्टरों की नियुक्ति की जानी होती है, जबकि जिला अस्पताल में एक-एक ही डॉक्टर है। जबकि हर रोज 600 से अधिक मरीज जांच के लिए आते हैं। इसके चलते उनको रोजाना परेशानी होती है।
डॉक्टरों की जल्द कमी दूर करने की मांग
पूर्व पार्षद राज सिंह, दुकानदार अजय सिंह, एडवोकेट देवेंद्र सिंह और आरती अंताल ने बताया कि अस्पताल को केवल जिला का ही दर्जा दिया गया है। डॉक्टरों व पैरा मेडिकल स्टाफ तक की संख्या को नहीं बढ़ाया गया है। स्टाफ ही नहीं होगा तो ऐसी बड़ी इमारत का क्या लाभ है। सरकार और प्रशासन से मांग है कि डॉक्टरों और स्टाफ की कमी को पूरा कर इलाके के लोगों को राहत दी जाए।
उच्चाधिकारियों को लिखा है
डॉक्टरों व स्टाफ की कमी को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। नए पद सृजन के लिए भी लिखा गया है। फिर भी मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं आने दी जा रही है।
डाॅ. मोहिंद्र कुमार, अधीक्षक जिला अस्पताल सांबा