वर्ल्ड स्पाइन डे के अवसर पर आयोजित कार्यशाला में भाग लेते मरीज व तीमारदार। अमर उजाला
- वर्ल्ड स्पाइन-डे पर चिकित्सकों ने कार्यशाला में दी सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जीएमसी जम्मू के पठानिया हॉल में वीरवार को वर्ल्ड स्पाइन-डे पर कार्यशाला करवाई गई। इसमें चिकित्सकों ने कहा कि बदलती जीवनशैली के बीच घंटों बैठकर काम करने से रीढ़ में तरह-तरह की समस्याएं पैदा हो रही हैं। इनसे बचने के लिए नियमित व्यायाम, पाैष्टिक आहार और हवादार कमरे में रहना जरूरी है।
मुख्य वक्ता जीएमसी के प्रिंसिपल डाॅ. आशुतोष गुप्ता ने कहा कि जम्मू व इससे जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उनके मरीज की किसी भी तरह की रीढ़ की समस्या के निदान के लिए मेडिकल काॅलेज में पर्याप्त चिकित्सक व उपकरण हैं। रीढ़ की समस्या अब आम बात हो गई है इसलिए इसके प्रति जागरूक होना जरूरी है। हमें रोजाना घुटना मोड़कर बैठने का अभ्यास करना चाहिए। ऐसी जगह रहें जहां पर हवादार भवन हो, निर्धारित गति में ही बाइक व साइकिल चलाएं। वरिष्ठ स्पाइन सर्जन डाॅ. ब्यास देव ने कहा कि ओवर स्पीड हमारे जीवन व रीढ़ के लिए खतरनाक है। कार्यशाला में डाॅ. अखिल गुप्ता, डाॅ. मोहम्मद फारूक भट ने कहा कि देश में सड़क दुर्घटनाओं में अधिकता के प्रतिशत को कम करने की दिशा में प्रयास होने चाहिए। दुर्घटना के बाद लोग सबसे अधिक रीढ़ में फ्रैक्चर सहित अन्य बीमारियों से ग्रस्त होते हैं। रीढ़ की समस्या से बचाव के लिए नियमित व्यायाम, पौष्टिक भोजन जरूरी है।
वर्ल्ड स्पाइन डे के अवसर पर आयोजित कार्यशाला में भाग लेते मरीज व तीमारदार। अमर उजाला