जम्मू में विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें फार्मासिस्टों की स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका और उनके योगदान को सराहा गया। सेवानिवृत्त फार्मासिस्टों को सम्मानित भी किया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। फार्मासिस्ट स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाते हैं। राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान, जन औषधि योजना, मलेरिया, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम या राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन इन सबकी सफलता फार्मासिस्टों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव होती है। ये बातें अभिनव थियेटर में वीरवार को विश्व फार्मासिस्ट दिवस कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन व फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य सुशील सूदन ने कहीं।
जम्मू-कश्मीर गवर्नमेंट फार्मासिस्ट एसोसिएशन जम्मू संभाग की ओर से करवाए गए कार्यक्रम में एक पत्रिका का विमोचन किया गया। इसमें एसोसिएशन के इतिहास और उसके कार्यों को बताया गया था। सूदन ने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य सेवाओं की डोर को जमीनी स्तर तक जोड़ते हैं। हर अभियान की सफलता फार्मासिस्टों की सक्रिय भागीदारी के बिना संभव नहीं है। संसद में फार्मेसी एक्ट 1948 में संशोधन से जम्मू-कश्मीर के 27 हजार फार्मासिस्टों को लाभ मिला है। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग को वर्षों तक सेवाएं देने वाले सेवानिवृत्त फार्मासिस्टों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। फार्मासिस्टों के इतिहास पर आधारित स्मारिका का विमोचन किया गया। इस मौके पर फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष भरत भूषण भगत, सांसद जुगल किशोर शर्मा, विधायक शाम लाल शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं जम्मू डॉ. अब्दुल हमीद जरगर, पूर्व अध्यक्ष स्टेट फार्मेसी काउंसिल लोतिका खजूरिया, रजिस्ट्रार सुरिंदर मोहन टिक्कू, वरिष्ठ नेता आईडी खजूरिया मौजूद रहे।