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फारूक बोले: भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया परिसीमन, पीएजीडी गठबंधन लड़ेगा विधानसभा चुनाव

Sat, 26 Feb 2022 03:46 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

परिसीमन आयोग के प्रस्ताव के बाद हुई पहली बैठक में गुपकार गठबंधन ने रणनीति बनाई। कहा कि परिसीमन पूरी तरह से अस्वीकार्य है। परिसीमन का गुपकार गठबंधन ने कभी विरोध नहीं किया, पर यह प्रक्रिया पूरी तरह असांविधानिक है। फारूक ने कहा कि परिसीमन ने अलगाव को और बढ़ाया। परिसीमन का विरोध नहीं पर प्रक्रिया असांविधानिक है। 
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बैठक के बाद जानकारी देते डा. अब्दुल्ला - फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
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गुपकार गठबंधन (पीएजीडी) ने कहा है कि परिसीमन आयोग की संस्तुतियों ने जम्मू-कश्मीर में अलगाव को और बढ़ाया है। उसने भाजपा के समर्थन में काम किया है। भाजपा की योजना है कि अनुच्छेद 370 हटाने के समर्थन में विधानसभा में प्रस्ताव पारित कराया जाए। इसके बाद उसे सर्वोच्च न्यायालय में ले जाया जाए। किसी भी स्थिति में पीएजीडी चुनाव लड़ेगा। गठबंधन ने भाजपा के विकास, निवेश व नौकरियों पर आधारित श्वेत पत्र तैयार किया है, जिसे जनता के बीच सार्वजनिक किया जाएगा। 

परिसीमन का गुपकार गठबंधन ने कभी विरोध नहीं किया

परिसीमन आयोग के प्रस्ताव के बाद हुई पहली बैठक में गुपकार गठबंधन ने रणनीति बनाई। कहा गया कि परिसीमन पूरी तरह से अस्वीकार्य है। परिसीमन का गुपकार गठबंधन ने कभी विरोध नहीं किया, पर यह प्रक्रिया पूरी तरह असांविधानिक है। डॉ. फारूक ने कहा कि लंबे समय से ‘व्हाइट पेपर’ तैयार किया जा रहा था जो आखिरकार पूरा हो गया। बीते दो साल में लोगों ने जो आर्थिक कष्ट सहे उन्हें भी इस व्हाइट पेपर में शामिल किया गया है।

 पुनर्गठन अधिनियम असांविधानिक व अवैध

भाजपा की उपलब्धियों का दावा झूठ का एक पुलिंदा है। पीएजीडी प्रवक्ता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी ने कहा कि पुनर्गठन अधिनियम असांविधानिक व अवैध है। पांच अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 हटाने का निर्णय असांविधानिक था। जम्मू-कश्मीर के एक ऐतिहासिक राज्य को दो हिस्सों में बांट दिया गया, जोकि जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के हर नागरिक का अपमान है। सख्त तालाबंदी, इंटरनेट गैंग और सुरक्षाबलों की भारी तैनाती के बीच 370 हटाया गया।

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यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए शर्मनाक है। बैठक में पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, सीपीआईएम से मोहम्मद यूसुफ तारिगामी, अवामी नेशनल कांफ्रेंस से मुजफ्फर शाह, सांसद डॉ. हसनैन मसूदी के अलावा अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। 

सांविधानिक ढांचे के दायरे में रहकर जो भी किया जाए वह मंजूर : तारिगामी 

तारिगामी ने कहा कि हम डीलिमिटेशन और चुनावी प्रक्रिया के खिलाफ न कभी थे और न हैं। लेकिन हमारे मुल्क के सामने एक संविधानिक ढांचा है और उसके दायरे में रहते हुए जो भी किया जाए वह मंजूर है। हम कभी भी परिसीमन के खिलाफ नहीं थे, लेकिन यह सब पुनर्गठन अधिनियम के तहत किया जा रहा है, जो असांविधानिक है।

सात सीटें क्यों बढ़ाई गईं, आठ, एक या नौ क्यों नहीं

अब लद्दाख बिना परिसीमन हो रहा है और जम्मू-कश्मीर में सात विधानसभा सीटें बढ़ाई जा रही हैं, एक कश्मीर और छह जम्मू में। परिसीमन के लिए बुनियादी मानदंड जनगणना, स्थलाकृति और पहुंच के आधार पर जनसंख्या है, लेकिन इन सभी मापदंडों को एक तरफ रख दिया गया। पीएजीडी यह समझने में विफल है कि सात सीटें क्यों बढ़ाई गईं, आठ, एक या नौ क्यों नहीं। भाजपा पर निशाना साधते तारिगामी ने कहा कि इनकी हुकूमत में पूरे देश में उलटी ही गंगा बह रही है।

भाजपा सरकार को रोजगार, निवेश और विकास मुहैया कराने की चुनौती

अनुच्छेद 370 संविधान के तहत भारत और जम्मू-कश्मीर के लोगों के बीच एक सेतु था, जिसे हटाना भारत के संविधान और जम्मू-कश्मीर की पहचान पर हमला था। व्हाइट पेपर में हमने स्पष्ट किया है कि क्या अनुच्छेद 370 को वापस लिया जा सकता है, क्या अनुच्छेद 35ए को हटाया जा सकता है। तारिगामी ने कहा कि हम जम्मू-कश्मीर प्रशासन और भाजपा सरकार को रोजगार, निवेश और विकास मुहैया कराने की चुनौती देते हैं।

कहा कि रियल एस्टेट को निवेश करार देते हुए इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अखिल भारतीय स्तर पर रियल एस्टेट को कितना नुकसान हो रहा है। कहा कि हम सभी सांसदों को चर्चा के लिए आमंत्रित करेंगे और राष्ट्रपति को प्रतियां भी भेजेंगे। तारिगामी ने कहा कि यह हमला एक जहर बन गया है जो तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पंजाब और अन्य राज्यों तक पहुंच सकता है। 

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