अति संवेदनशील और आतंकवादग्रस्त जम्मू-कश्मीर में बंदूकों के लाइसेंस रेवड़ियों की तरह बाटे गए। चाहे आईएएस हो या फिर केएएस अफसर। डीसी की कुर्सी पर बैठकर लाइसेंस थोक में बेचने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। फर्जीवाड़ा इस कदर किया गया कि देशभर में चार लाख से अधिक लाइसेंस जारी हो गए। जम्मू-कश्मीर से कुल 4.29 लाख गन लाइसेंस जारी किए गए, जिनमें 90 फीसदी दूसरे राज्यों के लोगों के नाम पर हैं।
जानकारी के अनुसार कुपवाड़ा, बारामुला, शोपियां, राजोरी, उधमपुर, डोडा और रामबन जिले में सबसे अधिक लाइसेंस जारी किए गए हैं। जिनमें जमकर नियमों की धज्जियां उड़ाई गई हैं। अकेले डोडा, रामबन और उधमपुर जिले से ही राज्य से बाहर रहने वाले 1 लाख 32 हजार 321 लोगों को गन लाइसेंस जारी हुए हैं, जबकि कुल 1 लाख 43 हजार 13 लाइसेंस जारी हुए हैं।
कुपवाड़ा जिले में तो कोई फाइल ही नहीं मिली
सूत्रों का कहना है कि जब मामले की जांच शुरू हुई तो कुपवाड़ा जिले में न तो लाइसेंस की फाइल मिली, न ही कोई रजिस्टर मिला। बाहर के लोगों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाइसेंस दिए गए।
2018 में राजस्थान की एटीएस ने किया था खुलासा, पूर्व राज्यपाल एनएन वोहरा ने दी थी सीबीआई जांच की मंजूरी
जम्मू-कश्मीर में फर्जी गन लाइसेंस का खुलासा राजस्थान के एंटी टेरर स्कवायड (एटीएस) ने 2018 में किया था। इसके बाद राजस्थान पुलिस ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की थी। 2018 में ही पूर्व राज्यपाल एनएन वोहरा ने इसकी जांच तत्कालीन विजिलेंस विभाग को दी थी। सितंबर, 2018 में जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
राजस्थान पुलिस ने तत्कालीन मुख्य सचिव बीबी व्यास को इस रैकेट के बारे में 2017 में सूचना दी थी। इसके लिए बाकायदा कई पत्र भी लिखे गए लेकिन कोई जवाब नहीं आया। राजस्थान एटीएस ने इस पूरे ऑपरेशन का कोड नाम जुबेदा रखा था। जांच में पाया था कि 50 से अधिक लोगों के पास मिले गन लाइसेंस जम्मू-कश्मीर से जारी हुए थे। आगे की जांच में पता चला कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर यह लाइसेंस लिए गए।
राजस्थान पुलिस ने उसी समय मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश कर दी थी। राजस्थान पुलिस द्वारा पकड़े गए 50 लोगों में से एक आईएएस अफसर का भाई भी था। राजस्थान पुलिस ने जांच में यह भी पाया कि 3367 सुरक्षाकर्मियों ने भी लाइसेंस ले रखे हैं। इसके बाद सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ आदि को राजस्थान पुलिस ने पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी और इसका जवाब मांगा था।