दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग के नौगाम में बुधवार की रात सुरक्षा बलों ने दो और आतंकियों को मार गिराया, जबकि सेना का एक जवान शहीद हो गया। मारे गए आतंकियों में 13 दिसंबर को श्रीनगर के बाहरी इलाके (जेवान) में पुलिस बस पर हमला करने वाले दहशतगर्दों का गुट भी शामिल है। इससे पहले बुधवार को कुलगाम में जैश के पाकिस्तानी कमांडर समेत तीन व अनंतनाग के नौगाम में एक आतंकी मारे गए थे। इन मुठभेड़ों में सेना और पुलिस का एक-एक जवान जख्मी भी है। आतंकियों के पास से दो अमेरिकी एम 4 व चार एके 47 राइफलें मिली हैं।
पांच दिन में मारे गए 11 आतंकी
पिछले करीब पांच दिनों में सुरक्षा बलों ने घाटी में कई अभियान चलाए हैं, जिनमें 11 खूंखार आतंकवादी मारे गए हैं। जीओसी ने कहा कि अभियान के दौरान जवान जसबीर सिंह की जान चली गई। उन्होंने कहा, नौगाम में अभियान बहुत ही सघन क्षेत्र में चलाया जा रहा था, आम नागरिकों को सुरक्षित निकालने के दौरान सेना के दो जवानों और एक जम्मू कश्मीर पुलिस के एक कर्मी दीपक शर्मा को गोली लगी है। एक जवान शहीद हो गया जबकि दो अन्य अभी स्थिर हैं।
बस हमले में तीन पुलिस कर्मी हुए थे शहीद
कुमार ने हमले के लिए जिम्मेदार तीन आतंकवादियों की पहचान ज़ाफरान कॉलोनी निवासी सुहैल अहमद राठेर, नाथीपोरा दूरू निवासी पीर अल्ताफ हुसैन उर्फ मुफ्ती अल्ताफ निवासी और एक पाकिस्तानी नागरिक सुल्तान उर्फ रईस के रूप में की है।
उन्होंने बताया कि रईस 2017 से दक्षिण कश्मीर में सक्रिय था। उसका उद्देश्य सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुंचाना था। मुफ्ती एक पुलिस वाले के परिवार पर हुए हमले में भी शामिल था। इस हमले में पुलिस वाले की पत्नी व बेटा भी घायल हुए थे।
कुलगाम के मिहराम में मारे गए आतंकियों में जैश के कुलगाम निवासी मोहम्मद शफी डार, मिहराम निवासी उजैर अहमद व पाकिस्तानी कमांडर साजिद उर्फ शहजाद शामिल हैं। दोनों स्थानीय आतंकी सी ग्रेड के हैं। जबकि पाकिस्तानी आतंकी जम्मू-कश्मीर की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था। उन्होंने कहा कि मुठभेड़ से पहले इन आतंकियों को आत्मसमर्पण के लिए कहा गया था परंतु वे नहीं माने।
इस माह 5 पाकिस्तानियों समेत 24 आतंकी मारे
आईजी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि इस दिसंबर माह में अब तक पांच पाकिस्तानी समेत 24 आतंकवादी मारे गए हैं। मारे गए आतंकियों के पास से अमेरिका निर्मित दो एम-4 कार्बाइन राइफल, 15 एके-47, दो दर्जन पिस्तौल और कुछ ग्रेनेड और आईईडी बरामद किए गए हैं। इससे साबित होता है कि पाकिस्तान यहां अशांति पैदा करना चाहता है। सुरक्षा बलों ने इस साल जैश के नंबर एक और नंबर दो को मारकर उसे बड़ा झटका दिया है।
सुरक्षा बलों पर आईईडी हमले का खतरा
आईजी ने कहा कि आतंकी संगठन अब भी बलों पर हमले की योजना बना रहा है और आईईडी विस्फोट का खतरा बरकरार है। लेकिन, पुलिस और सुरक्षा बल अलर्ट हैं। हमारा खुफिया नेटवर्क पूरी तरह से अलर्ट है और हम इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान विदेशी जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादियों के शवों पर दावा करता है, तो पुलिस शवों को वापस देने के लिए तैयार है।
ऑपरेशन से पहले महिला-बच्चों को सुरक्षित निकाला
कंपनी कमांडर मेजर नायर ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर हमने नौगाम शाहाबाद इलाके में बुधवार दोपहर को घेराबंदी की। तलाशी लेने से पहले हम बच्चे, महिलाओं और बुजुर्गो को वहां से निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले गए। हमने 10 मिनट के भीतर एक आतंकवादी को मार गिराया और बाकी दोनों वीवरवार तड़के मार गिराए।
आतंकी बनने वाले युवाओं की संख्या घटी
जीओसी पांडे ने कहा कि आतंकी गुटों में शामिल होने वाले युवाओं की संख्या में कमी आई है। यह प्रवृत्ति एक सकारात्मक संकेत है। हमारे पास इस वर्ष के समाप्त होने में दो दिन शेष हैं। उम्मीद है कि आतंकियों की संख्या और कम होगी।