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स्थायी निवास प्रमाणपत्र से छेड़छाड़ का कोई इरादा नहीं, राज्यपाल मलिक ने उमर के आरोप पर दिया जवाब

Mon, 03 Dec 2018 03:59 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थायी निवास प्रमाणपत्र (पीआरसी) में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री व नेकां उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला की ओर से राजभवन को लिखे पत्र का जवाब देते हुए राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि पीआरसी में बदलाव पर सरकार कोई विचार नहीं कर रही है।
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यह जम्मू कश्मीर के कानूनी संरचना का हिस्सा है। इस कानून से छेड़छाड़ का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। उमर को भेजे पत्र में राज्यपाल ने कहा है कि पीआरसी बनाने की प्रक्रिया में सभी हितधारकों से व्यापक विचार विमर्श किए बगैर किसी प्रकार का बदलाव किए जाने की कोई संभावना नहीं है। 

राय मशविरा जरूरी है ताकि किसी के दिमाग में कोई अनावश्यक बात न रहे। जहां तक मेरी जानकारी है इस समय न तो इस प्रकार का कोई प्रयास किया गया है और न ही कोई फैसला। उन्होंने आश्वस्त किया कि पीआरसी जारी करने की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
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राज्यपाल ने कहा कि पीआरसी वास्तविक स्टेट सब्जेटधारकों को आवेदन करने के 30 दिन के भीतर प्राप्त हो जाना चाहिए। यह देखा गया है कि इस समय सीमा में पीआरसी हासिल करने में आवेदकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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यह भी शिकायतें मिली हैं कि पीआरसी मिलने में देरी विभिन्न प्रकार की प्रक्रियाओं के चलते होती है। मेरा मानना है कि बाधामुक्त प्रक्रिया के लिए राजस्व विभाग से सुझाव मांगे गए हो सकते हैं। यह एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। 

इसका अनावश्यक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ नेता होने के नाते आप इस प्रकार की रिपोर्ट पर ध्यान न दें। आप पर लोगों के बीच अफवाहों को फैलने से रोकने की जिम्मेदारी है न कि बढ़ावा देने की। 

किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए आपका स्वागत है। पत्र में उन्होंने यह भी लिखा है कि फैक्स मशीन काम कर रही है। आपका फैक्स मिल भी गया और कार्यालय की ओर से इसकी सूचना भी दे दी गई। जबकि आप ट्वीट कर रहे हैं कि यह काम नहीं कर रहा।  
 
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