सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर में बेहतरी लाने व बच्चों को बेहतर पढ़ाई करवाने के मकसद से सरकार व शिक्षा विभाग कड़े कदम उठाती रही है।
इसके बावजूद सरकारी स्कूलों का परिणाम बहुत अच्छा नहीं रहता है। सरकारी शिक्षकों द्वारा प्राइवेट ट्यूशन पर शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिबंध के बावजूद सरकारी शिक्षक ट्यूशन में शामिल रहते हैं।
डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन जम्मू ने सभी सरकारी शिक्षकों, लेक्चररों व हेड मास्टरों पर प्राइवेट ट्यूशन पर प्रतिंबध के आदेश जारी किए गए थे। इस आदेश के बावजूद शहर में कई ऐसे ट्यूशन सेंटर हैं, जहां सरकारी शिक्षक, लेक्चरर प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाते हैं।
सीईओ राजोरी अल्ताफ हुसैन ने सरकारी शिक्षकों द्वारा प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाने के मसले पर कहा है कि इस मामले में कुछ टीमों का गठन किया है।
शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल व हेड मास्टर की देखरेेख में टीमें शहर के ट्यूशन केंद्रों में औचक छापे मारकर पता लगाएंगी कि कौन-कौन से सरकारी शिक्षक, लेक्चरर प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाएंगे।
गौरतलब है कि जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में वार्षिक परीक्षाओं का परिणाम संतोषजनक नहीं रहता है। विशेष कर 10वीं और 12वीं कक्षाओं की बोर्ड के परिणामों में कई सरकारी स्कूल तो तो अपना खाता भी नहीं खोल पाते हैं। वर्ष 2015 में भी सरकारी स्कूलों की बोर्ड की परीक्षाओं के परिणाम प्राइवेट स्कूलों से बहुत कम आए थे।