भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा की जीरो लाइन पर सामुदायिक बंकर के प्रस्ताव को बॉर्डर यूनियन सदस्यों ने खारिज कर दिया है।
यूनियन सदस्यों ने दो टूक कहा है कि कम्युनिटी बंकर का प्रस्ताव सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने में नाकाम रहेगा। इसलिए सरकार को गोलाबारी की रेंज में आने वाले तमाम घरों के भीतर एक एक पक्का बंकर बनाकर देना होगा।
यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भारत भूषण ने कहा कि जीरो लाइन के गांवों में प्रशासन ने चार-चार कनाल भूमि लेकर कम्युनिटी बंकर का प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा है।
ग्रामीणों को बाकायदा बताया गया है कि कम्युनिटी बंकर बनने के बाद ग्रामीणों को गोलाबारी से बचने की पनाहगाह मिल सकेगी।
लेकिन कम्युनिटी बंकर गांव से बाहर बनाने का प्रस्ताव है, जबकि गोलाबारी के दौरान ग्रामीणों के लिए अपने घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
इसके अलावा ग्रामीण बार-बार घर से बाहर किसी अन्य स्थान पर सार्वजनिक रूप से ठहरने की व्यवस्था से आजिज आ चुके हैं।
यूनियन पदाधिकारी ने कहा कि सरहदी इलाके के हर घर में एक कमरे के आकार का पक्का बंकर बनाया जाना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में पूरा परिवार बिना समय गंवाए बंकर में छिप सके।
उल्लेखनीय है कि कुछ महीने पूर्व जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को जीरो लाइन के तमाम गांवों में कम्युनिटी बंकर बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था। दो कनाल भूमि पर पक्के बंकर बनाने और दो अतिरिक्त कनाल भूमि को अन्य आपात सुविधाओं के लिए इस्तेमाल करने का प्रस्ताव है।