फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोदी-मुफ्ती की मुलाकात के बाद होगा सरकार गठन

विज्ञापन
विज्ञापन
विवाद के मुद्दों पर भाजपा और पीडीपी के लचीले रुख ने नई सरकार के गठन की राह को आसान बना दिया है। न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) पर सहमति बन चुकी है। गतिरोध समाप्त होते ही भाजपा ने पहल करते हुए विधान परिषद चुनाव में अपने छठे प्रत्याशी को वापस ले लिया।
विज्ञापन


भाजपा ने तालमेल तोड़कर अतिरिक्त प्रत्याशी उतार पीडीपी पर सियासी दबाव बनाया था। गठबंधन के लिए संघ से भी हरी झंडी मिल चुकी है। सीएमपी में अनुच्छेद 370 पर खामोशी ओढ़ते हुए संविधान और कश्मीरी लोगों की भावना के सम्मान की बात को शामिल किया जा रहा है।

इस तरह भाजपा  लिखित आश्वासन की मजबूरी से बाहर निकल आई है। सीएमपी का विधिवत ऐलान तीन-चार दिनों में हो सकता है। उससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पीडीपी संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद की मुलाकात प्रस्तावित है। सप्ताह भर के अंदर नई सरकार गठित होने की संभावना है।
विज्ञापन

Trending Videos

अफस्पा पर बन सकती है कमेटी

अफस्पा पर विचार के लिए एक कमेटी बनाने का जिक्र सीएमपी में होगा। तुलनात्मक दृष्टि से शांत इलाकों से अफस्पा हटाकर पहल की जाएगी। इसी तरह वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजियों को नागरिकता देने पर मानवीय दृष्टिकोण से काम करने पर सहमति बन गई है।

पीडीपी प्रवक्ता नईम अख्तर का कहना है कि अब औपचारिक वार्ता चल रही है। लेकिन यह पूर्व प्रस्तावित तरीके से अलग है। पहले पीडीपी ने पूर्व उप मुख्यमंत्री मुजफ्फर हुसैन बेग के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम बनाई थी।

वर्तमान में पीडीपी की ओर से डा. हसीब द्राबू और अमिताभ मट्टू की भाजपा महासचिव राम माधव तथा अरुण जेटली से बातचीत चल रही है। अमिताभ मट्टू जम्मू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार हैं।

वह आस्ट्रेलिया-इंडिया इंस्टीट्यूट के सीईओ रह चुके हैं। अनुच्छेद 370, अफस्पा और पश्चिमी पाकिस्तानी रिफ्यूजियों को नागरिकता जैसे मुद्दों पर सहमति कायम करने में मट्टू ने अहम भूमिका निभाई।
विज्ञापन

भाजपा का लचीला रुख अपनाने का फैसला

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की संघ पदाधिकारियों से मुलाकात के बाद वार्ता में तेजी आई। भाजपा की रियासती कोर कमेटी के नेताओं ने अरुण जेटली, राम माधव और सुषमा स्वराज के साथ बैठक के बाद भाजपा ने लचीला रुख अपनाने का फैसला लिया।

सूत्रों का कहना है कि सीएमपी में भारत की एकता और अखंडता के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ क्षेत्रीय संतुलन कायम कर विकास की गति को तेज करने का संकल्प शामिल किया जा रहा है। जम्मू, कश्मीर और लद्दाख तीनों खित्तों का समान विकास सीएमपी का आधार रहेगा।

जम्मू और कश्मीर को भावनात्मक रूप से जोड़ने का मुद्दा भी सीएमपी में शुमार है। अमन के लिए संविधान के दायरे में सभी पक्षों से बातचीत पर भी सहमति है। इससे हुर्रियत से वार्ता का रास्ता खुल सकता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें