तहसील के कंसर गांव में एक पेड़ के नीचे पड़ी तीन फीट की शेषनाग की प्राचीन मूर्ति और चांदी का मुकुट मिले। मूर्ति और मुकुट को भद्रवाह के वासुकी नाग मंदिर में रखवाया गया है।
रविवार को मिली चार भुजाओं वाली इस मूर्ति के दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि मूर्ति गांव में कहां से आई। इसकी पड़ताल की जा रही है।
दरअसल, कंसर इलाके में सड़क का काम चल रहा है। सड़क के काम में जुटे कुछ लोगों ने एक पेड़ के नीचे इस मूर्ति को देखा।
मूर्ति के बगल में ही चांदी का एक मुकुट भी था। पुलिस को सूचना दी गई। मूर्ति और मुकुट को भद्रवाह के वासुकी नाग मंदिर में पहुंचाया गया।
मूर्ति के बारे में कई तरह की चर्चाएं होने लगीं हैं। कुछ लोगों का मानना था कि यह मूर्ति कहीं से चुरा कर लाई गई होगी। जहां मूर्ति मिली है, वह इलाका बनी से लगता है।
इसलिए यह भी चर्चा है कि बनी से मूर्ति चोरी कर लाई गई हो। पुलिस मूर्ति चोरी होने की कोई शिकायत होने से इनकार कर रही है।