इराक में इस्लामिक स्टेट आतंकी संगठन द्वारा की जा रही निर्दोष लोगों की हत्याओं के खिलाफ पहली दफा कश्मीर से आवाज उठी। यह आवाज किसी और ने नहीं बल्कि कट्टरपंथी हुर्रियत के नेता सैयद अली शाह गिलानी ने उठाई। गिलानी ने साफ कर दिया कि निर्दोष और अल्पसंख्यकों की हत्याएं इसलाम के खिलाफ हैं।
इसलाम इसकी इजाजत नहीं देता। गिलानी पत्रकारों से मुखातिब थे। इसके साथ ही गिलानी ने इराक में अमेरिकी हमलों को भी गलत करार दिया। उन्होंने कहा कि इराक में हवाई हमलों से निर्दोष लोग अधिक मारे जाएंगे। लिहाजा यह हमले बंद होने चाहिए। गिलानी ने कहा कि गाजा में भी अमेरिका ही शह पर ही इस्राइली हमलें जारी हैं।
इससे भी निर्दोष लोग मारे जा रहे है। यह सरासर मानवाधिकारों का हनन है। इसके अलावा गिलानी ने देश में एनआईए जैसी जांच एजेंसियों को भी बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों का काम सिर्फ कश्मीरी युवाओं को परेशान करने तक ही सीमित है।