राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद द्वारा राज्यसभा सीट के लिए नामांकन के बाद सारे समीकरण उलट-पुलट हो गए हैं। आजाद की जीत लगभग तय मानी जा रही है। भाजपा और पीडीपी की झोली में तीन सीटें जा सकती हैं।
नेंका के दो उम्मीदवारों ने भी दो सीटों के लिए पर्चे भरकर चुनाव को रोचक मोड़ पर पहुंचा दिया है। नेकां ने कांग्रेस के साथ गठबंधन तो किया ही साथ ही भाजपा-पीडीपी के लिए मुश्किलें भी खड़ी कर दीं हैं।
अब कोई सदस्य निर्विरोध नहीं चुना जा सकेगा और सभी सीटों पर मतदान तय है। बदले हालात में निर्दलीय विधायकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
बुधवार को राज्यसभा चुनाव की सीटों पर नामांकन भरने के आखिरी दिन कुल सात उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए। इनमें भाजपा के शमशेर सिंह मन्हास और चंद्र मोहन शर्मा, पीडीपी के फैयाज अहमद मीर और नजीर अहमद लावे, कांग्रेस से गुलाम नबी आजाद और नेशनल कांफ्रेंस से सज्जाद अहमद किचलू और नासिर असलम वानी ने नामांकन दाखिल किए।