मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की मंजूरी के बिना मंत्रियों के निजी सेक्शन में न तो कोई अधिकारी अटैच हो पाएगा और न ही मंत्री अपने किसी चहेते को अपने निजी सेक्शन में लगा पाएंगे।
इस संबंध में बुधवार को सामान्य प्रशासनिक विभाग की ओर से दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए। हालांकि ‘अमर उजाला’ ने इस संबंध में पहले ही समाचार प्रकाशित कर दिया था।
आदेश के अनुसार मुख्य सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री की मंजूरी के बिना मंत्रियों के निजी सेक्शन को न तो कोई अधिकारी अटैच होगा और न ही कोई व्यक्ति निजी सेक्शन में नियुक्त किया जा सकेगा।
गजटेड पद पर तैनात कोई भी सरकारी कर्मचारी जिसका सेवा में कार्यकाल चार साल से कम हैं। वह किसी भी मंत्री के निजी सेक्शन में तैनात नहीं होगा।
सतर्कता संगठन से जांच के बाद ही मंत्रियों के निजी सेक्शन में केएएस, निजी सचिव, स्टेनोग्राफर, क्लर्क आदि तैनात हो पाएंगे। इसके अलावा साठ साल की आयु से ऊपर कोई भी सरकारी कर्मचारी मंत्रियों के निजी सेक्शन में तैनात नहीं हो पाएगा।
सरकार के पास किसी पद पर न रहने वाले व्यक्ति को पीआरओ या अतिरिक्त पीआरओ अनुबंध के आधार पर नियुक्त किया जा सकता है। पहले एक साल के लिए अनुबंध रहेगा। आदेश के अनुसार निजी सेक्शन में अधिकारियों की तैनाती को बार-बार करने की प्रथा को भी बढ़ावा नहीं देने को कहा गया है।