अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नारको आतंकवाद के मामले में शुक्रवार को प्रदेश जांच एजेंसी (एसआईए) जम्मू की विशेष अदालत में 11 आरोपियाें के खिलाफ चालान पेश किया। इस संबंध में वर्ष 2022 में मामला दर्ज हुआ था। तब से इस मामले की जांच चल रही है। तीन वर्षों की जांच के बाद आरोपियों की पहचान की गई। जांच में आतंकियों के समर्थकों और कूरियर के नेटवर्क का पता चला जो नशीले पदार्थों की तस्करी का हिजबुल मुजाहिदीन के लिए फंड जुटा रहा था।
यह नेटवर्क क्षेत्र में आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए एक बड़े नेटवर्क में काम करता था। इस नेटवर्क को राजोरी के दरहाल एवं वर्तमान में जम्मू के छन्नी निवासी खालिद हुसैन, जम्मू के नानक नगर निवासी हरप्रीत सिंह, पुंछ के मेंढर निवासी मोहम्मद शौकत, बडगाम के ठोकरपोरा निवासी जावेद अहमद राथर, श्रीनगर का मंजूर अहमद, बिश्नाह के चुआ चक का चैन सिंह, रिहाड़ी जम्मू का साहिल कुमार, श्रीनगर के बटमालू का आसिफ रहमान रेशी, त्रिकुटा नगर जम्मू का संदीप सिंह मिलकर चला रहे थे।
पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों की शह पर बना नेटवर्क
एसआईए ने बडगाम के रहने वाले बशारत अहमद भट्ट और सैयद मोहम्मद यूसुफ को भी आरोपी बनाया है। बशारत इस समय पाकिस्तान के रावलपिंडी में रहता है। वह हिजबुल का आतंकी है। वह सीमा पार से भेजी जाने वाली हेरोइन के लिए सैयद यूसुफ के बैंक खाते में पैसे भेजता था। इन पैसों से हेरोइन आगे बेचकर फिर धन जुटाया जाता था जो हिजबुल की गतिविधियों में लगाया जाता था।
शांत माहौल को बिगाड़ने का षड्यंत्र
जांच में पता चला कि हिजबुल मुजाहिदीन ने जम्मू कश्मीर के शांतिपूर्ण माहौल को अस्थिर करने का षड्यंत्र रचा था। नेटवर्क में शामिल अतिरिक्त व्यक्तियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए आगे की जांच चल रही है।