सांबा में जलशक्ति विभाग में नियमित ड्यूटी करने वालों पर बढ़ रहा काम का दबाव
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले में जलशक्ति विभाग में अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। विभाग के कई डेलीवेजर कर्मियों पर आरोप है कि वे नियमित ड्यूटी पर न जाकर निजी व्यवसाय और दुकानों का संचालन कर रहे हैं। बावजूद इसके उनकी हाजिरी विभाग में दर्ज की जा रही है।
विभाग के कुछ अस्थायी कर्मियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जो कर्मचारी ईमानदारी से ड्यूटी निभा रहे हैं उन्हीं पर अतिरिक्त कार्यभार डाल दिया गया है। इससे न केवल काम की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है बल्कि कर्मचारियों में असंतोष भी बढ़ता जा रहा है।
एक कर्मचारी ने बताया कि हम रोज ड्यूटी पर उपस्थित रहते हैं। मोटर चलाकर शहरभर में पानी की सप्लाई कर रहें हैं। कई कर्मी महीनों तक नजर नहीं आते। इसके बावजूद उनकी हाजिरी लगती है और उन्हें वेतन भी मिल रहा है।
एक अन्य कर्मचारी का आरोप है कि कुछ कर्मी नेताओं के करीबी हैं और अधिकारियों की चापलूसी करते हैं। इसी वजह से उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। इंस्पेक्टर और जेई स्तर के अधिकारी भी इस खेल में शामिल हैं और फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे हैं।
जांच होगी, दोषी पाए जाने पर करेंगे कार्रवाई : एईई
इस मामले में विभाग के सहायक अभियंता (एईई) दिलीप पंडित ने कहा कि उनके अधीन करीब 200 कर्मचारी कार्यरत हैं। सभी की बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं लगती है। कर्मचारियों की उपस्थिति का प्रमाण इंस्पेक्टर और जेई की ओर से मैन्युअल हाजिरी के माध्यम से दिया जाता है।
एईई ने कहा कि यदि कोई कर्मचारी अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद निजी व्यवसाय या दुकान चलाता है तो उसमें विभाग कुछ नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि कुछ अस्थायी कर्मी आपसी सहमति से काम बांटकर ड्यूटी करते हैं। अगर कोई बिना काम पर आए वेतन ले रहा है तो इसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।