श्रीनगर में सोमवार को शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में हुई प्रधानमंत्री की रैली से पूर्व ही सुरक्षा के चाक-चौबंद बंदोबस्त कर दिए गए थे। रैली स्थल की और जाने वाले सभी रास्ते सील कर दिए गए थे। सुरक्षा बलों की तैनाती इतनी थी कि परिंदा भी पर न मार सके।
आतंकी हमलों और अलगाववादियों की ओर से बंद के आह्वान को ध्यान में रखते हुए श्रीनगर में सोमवार को सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली शांतिपूर्वक हो सके। रैली स्थल और उसके आसपास के इलाकों में करीब चार हजार सुरक्षाबल के जवानों को तैनात किया गया था।
श्रीनगर शहर की ओर आने वाले तकरीबन सभी रास्तों को कंटीले तारों से सील किया गया था। रैली स्थल की ओर बढ़ने वाले सभी लोगों की पूरी तलाशी लेने पर ही उन्हें आगे बढ़ने दिया जा रहा था।
वीवीआईपी गाड़ियों से भी पूछताछ की जा रही थी, ताकि सुरक्षा दायरे में किसी प्रकार की चूक न हो पाए। पुलिस के एक आला अधिकारी के अनुसार शुक्रवार को घाटी में हुए हमलों को ध्यान में रखते हुए किसी प्रकार की चूक न हो, इसलिए पूर्ण सुरक्षा प्रबंध किए गए थे।
श्रीनगर शहर में और जवान सुरक्षा के लिए तैनात किए गए थे और पूरा शहर एक छावनी में बदल दिया गया था। वहीं रैनावारी, नौहट्टा, एमआर गंज, खान्यार और सफाकदल के पांच थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू जैसी स्थिति लागू की गई थी।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ समय के लिए मोबाइल और इंटरनेट सर्विस भी प्रभावित रही। बंद और पाबंदियों के चलते श्रीनगर शहर में आम जनजीवन प्रभावित रहा। बाजारों में अधिकतर दुकानें बंद नजर आईं और सड़कों पर इक्का दुक्का वाहन ही नजर आए।