अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में 35 से 40 हजार जवानों की तैनाती की गई है। इनमें सेना, सीआरपीएफ, बीएसएफ तथा पुलिस के जवान शामिल हैं। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा पहरा है। ड्रोन से भी निगरानी होगी। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यात्रा मार्ग तथा आधार शिविरों के आसपास जैमर लगाए गए हैं।
बुलेट प्रूफ बंकर भी बनाए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में सुरक्षा की जा सके। डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जाएगी। आतंकी हमले के इनपुट के बाद यात्रा की मुकम्मल सुरक्षा व्यवस्था की गई है। राज्य में तैनात सीआरपीएफ के अलावा केंद्र सरकार ने 250 अतिरिक्त कंपनियां यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार को दी हैं।
बीएसएफ ने 2000 जवानों की तैनाती की है। सेना ने पांच बटालियन को लगाया है। राज्य पुलिस की 54 कंपनियां भी सुरक्षा में लगाई गई हैं। सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी एसएन श्रीवास्तव ने मंगलवार को सुरक्षा की तैयारियों की समीक्षा की। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि खुफिया रिपोर्ट के आधार पर यात्रा की मुकम्मल सुरक्षा के सभी प्रबंध किए गए हैं। सभी कैंप, रेलवे स्टेशन, अमरनाथ ट्रैक तथा पवित्र गुफा में तगड़ी सुरक्षा है। किसी भी प्रकार की घटना न हो, इसको ध्यान में रखते हुए इस बार पहले से अधिक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।